ईद की नमाज को लेकर सोशल मीडिया पर बयान से बढ़ा विवाद
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Eid-Namaz-Road-Prayer-Controversy
विशेषज्ञों ने संवेदनशील मुद्दों पर संयम बरतने की अपील की, त्योहारों के दौरान शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर।
ईद की नमाज को लेकर वायरल वीडियो में सड़कों पर नमाज पढ़ने की चुनौती, बयान के बाद सोशल मीडिया पर तेज बहस और विवाद।
हैदराबाद/ ईद की नमाज को लेकर सोशल मीडिया पर दिए गए एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। हैदराबाद के मुस्लिम स्कॉलर Syed Ayub का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है और ईद के दिन सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर खुली चुनौती दी है।
वायरल वीडियो में सैय्यद अयूब यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि ईद के अवसर पर केवल संभल ही नहीं बल्कि पूरे देश में सड़क पर नमाज पढ़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी में हिम्मत है तो मुसलमानों को रोककर दिखाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ने वालों को जेल में डालने जैसी चेतावनियों से मुसलमान डरने वाले नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
दरअसल, हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में प्रशासन ने ईद और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्ती दिखाई है। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक गतिविधियां होने से यातायात और कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए लोगों से निर्धारित स्थानों पर ही नमाज अदा करने की अपील की गई है।
सैय्यद अयूब के इस बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे भड़काऊ बयान बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक बयानबाजी से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सभी पक्षों से संयम और जिम्मेदारी के साथ बयान देने की आवश्यकता है, ताकि त्योहारों के दौरान शांति और भाईचारा बना रहे।