UP में 1 अप्रैल से हर अंडे पर डेट अनिवार्य

Tue 17-Mar-2026,03:55 PM IST +05:30

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  • उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से हर अंडे पर उत्पादन और एक्सपायरी डेट अनिवार्य कर खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया।

  • नए नियम से पुराने और खराब अंडों की बिक्री पर रोक लगेगी, जिससे उपभोक्ताओं को ताजा, सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।

Uttar Pradesh / Lucknow :

Lucknow/ उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 1 अप्रैल 2026 से राज्य में बिकने वाले हर अंडे पर उत्पादन तिथि और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और ताजा खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। नए नियम से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और खराब या पुराने अंडों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी।

राज्य सरकार के इस निर्णय के तहत अब दुकानदारों और व्यापारियों को प्रत्येक अंडे पर स्पष्ट रूप से उत्पादन तिथि (लेड डेट) और समाप्ति तिथि अंकित करनी होगी। अब तक कई स्थानों पर पुराने अंडों को “ताजा” बताकर बेचा जाता था, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना रहता था। नए नियम के लागू होने के बाद ग्राहक खुद अंडे की गुणवत्ता की जांच कर सकेंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, अंडों की सुरक्षा उनकी स्टोरेज पर निर्भर करती है। सामान्य तापमान (लगभग 30 डिग्री सेल्सियस) पर अंडे 10 से 14 दिनों तक सुरक्षित रहते हैं, जबकि 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के ठंडे तापमान में इन्हें 4 से 5 सप्ताह तक सुरक्षित रखा जा सकता है। ऐसे में अंडों पर तारीख अंकित होना बेहद जरूरी है ताकि उपभोक्ता खराब खाद्य पदार्थों से बच सकें।

सरकार ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। यदि कोई दुकानदार बिना तारीख वाले या खराब अंडे बेचता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ जुर्माना, अंडों की जब्ती और नष्ट करने जैसी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अंडों को “मानव उपभोग के लिए असुरक्षित” घोषित किया जाएगा। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग नियमित रूप से बाजारों की जांच करेगा।

हालांकि, इस फैसले के साथ एक बड़ी चुनौती कोल्ड स्टोरेज की कमी भी है। राज्य में अंडों के लिए पर्याप्त भंडारण सुविधा नहीं है और वर्तमान में आगरा और झांसी जैसे कुछ शहरों में ही बड़े कोल्ड स्टोरेज उपलब्ध हैं। नियमों के अनुसार अंडों को सब्जियों के साथ नहीं रखा जा सकता, क्योंकि दोनों के लिए अलग तापमान की आवश्यकता होती है।

इस नए नियम से उपभोक्ताओं को कई लाभ मिलेंगे, जैसे खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की स्पष्ट जानकारी, खराब अंडों से बचाव और खरीदारी में पारदर्शिता। ग्राहक अब बिना किसी भ्रम के ताजा और सुरक्षित अंडे खरीद सकेंगे।

सरकार के अनुसार यह कदम केवल नियम लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आने वाले समय में यह व्यवस्था खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।