सीजफायर के बाद लेबनान पर इजरायल का बड़ा हमला, 250 से ज्यादा मौतें
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इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकानों पर बड़ा हमला किया, 250 से ज्यादा मौतें और 1100 से अधिक लोग घायल हुए।
अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद भी लेबनान में संघर्ष जारी, समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम और तनाव बढ़ा।
Israel Lebanon Attack/ मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 दिनों के संघर्ष विराम के 24 घंटे के भीतर ही लेबनान पर इजरायल ने बड़ा हमला कर दिया। इस हमले में 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 1100 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। राजधानी बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में महज 10 मिनट के भीतर 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि राहत और बचाव कार्यों में भारी दिक्कतें आईं। कई जगहों पर एम्बुलेंस कम पड़ गईं और स्थानीय लोग मोटरसाइकिलों के जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाते नजर आए।
इस हमले के बाद सीजफायर को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। इजरायल और अमेरिका का कहना है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था और हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं ईरान का दावा है कि लेबनान में सीजफायर लागू होना समझौते की शर्त थी।
हिजबुल्लाह ने आरोप लगाया कि उन्हें बताया गया था कि वे सीजफायर का हिस्सा हैं, इसलिए उन्होंने हमले रोक दिए थे, लेकिन इजरायल ने इसे तोड़ते हुए हमला जारी रखा। इसके जवाब में हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के मनारा क्षेत्र में रॉकेट दागे और कहा कि जब तक हमले बंद नहीं होंगे, उनका जवाब जारी रहेगा।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ हुआ संघर्ष विराम युद्ध का अंत नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायल अपने लक्ष्यों को पूरा करने तक कार्रवाई जारी रखेगा और किसी भी समय युद्ध फिर से शुरू हो सकता है।
इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर आम नागरिकों पर पड़ा है। लेबनान में हालात बेहद खराब हो गए हैं। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले प्रमुख पुल को भी नष्ट कर दिया है, जिससे इलाके को पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया है।
युद्ध के कारण अब तक 12 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। कई परिवार सीजफायर के बाद घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन ताजा हमलों ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह तनाव वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।