भारत कृषि उत्पादन 2025-26: रिकॉर्ड 3765.63 लाख टन खाद्यान्न अनुमान, शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को दी बधाई

Wed 27-May-2026,11:50 PM IST +05:30

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भारत कृषि उत्पादन 2025-26: रिकॉर्ड 3765.63 लाख टन खाद्यान्न अनुमान, शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को दी बधाई India Agriculture News
  • भारत में 3765.63 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का अनुमान. 

  • चावल, गेहूं और मक्का में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज. 

  • किसानों की आय और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक विकास. 

Delhi / Delhi :

Delhi / केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2025-26 के लिए प्रमुख फसलों के तीसरे अग्रिम अनुमान जारी करते हुए बताया कि देश में कृषि उत्पादन ने अब तक का रिकॉर्ड स्तर हासिल किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका परिणाम अब बढ़ते उत्पादन के रूप में दिखाई दे रहा है।

इस अनुमान के अनुसार देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 3765.63 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 188 लाख टन अधिक है। यह वृद्धि लगभग 5.3 प्रतिशत की है और इसे कृषि इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। चावल, गेहूं और मक्का जैसी प्रमुख फसलें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची हैं, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा और मजबूत हुई है।

कृषि मंत्री ने बताया कि चावल का उत्पादन 1540.24 लाख टन, गेहूं 1206.57 लाख टन और मक्का 550.93 लाख टन अनुमानित है। इसी तरह तिलहन, दलहन और श्री अन्न के उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। गन्ना उत्पादन 5000 लाख टन से अधिक पहुंचने का अनुमान है, जो कृषि क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और वैज्ञानिकों की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने जलवायु अनुकूल किस्मों और आधुनिक तकनीकों को विकसित कर किसानों तक पहुंचाया है। इससे खेती अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनी है।

सरकार द्वारा चलाए गए कृषि सुधार अभियानों, बेहतर बीज वितरण, डिजिटल तकनीक और जलवायु स्मार्ट खेती ने भी उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। किसानों को वैज्ञानिक सलाह और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने से कृषि क्षेत्र में स्थिर और मजबूत विकास देखने को मिल रहा है।

कुल मिलाकर, यह तीसरा अग्रिम अनुमान दर्शाता है कि भारत कृषि उत्पादन के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में देश आत्मनिर्भर कृषि अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।