ईरान-अमेरिका तनाव का असर: इंडस्ट्रियल डीजल ₹22 महंगा, बढ़ेगी महंगाई
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Crude Oil Price Rise
इंडस्ट्रियल डीजल में ₹22 प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी.
उत्पादन और ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से महंगाई का खतरा.
प्रीमियम पेट्रोल के दाम भी बढ़े, आम आदमी पर असर.
Delhi / ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की जिंदगी पर दिखने लगा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। खासतौर पर इंडस्ट्रियल डीजल के दामों में हुई भारी बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत में करीब 22 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा किया है। पहले यह 87.57 रुपये प्रति लीटर था, जो अब बढ़कर लगभग 109.59 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) द्वारा लागू यह नई दर 20 मार्च 2026 से प्रभावी हो चुकी है।
हालांकि इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल आम वाहनों में नहीं होता, लेकिन इसका प्रभाव आम आदमी तक जरूर पहुंचता है। यह डीजल मुख्य रूप से फैक्ट्रियों, बड़े शॉपिंग मॉल, डेटा सेंटर, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और बिजली के बड़े जनरेटर चलाने में उपयोग किया जाता है। इसके अलावा जेसीबी, बुलडोजर और अन्य भारी मशीनों में भी इसका व्यापक इस्तेमाल होता है।
अब जब इसकी कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी हुई है, तो उद्योगों की लागत सीधे तौर पर बढ़ जाएगी। उत्पादन महंगा होगा, परिवहन खर्च बढ़ेगा और अंततः इसका असर बाजार में मिलने वाली वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। यानी महंगाई बढ़ने की पूरी संभावना है और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
इसके साथ ही प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। स्पीड और पावर जैसे हाई-ऑक्टेन पेट्रोल के दामों में लगभग 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग शहरों में लागू की गई है, जिससे वाहन चालकों को भी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव इसी तरह बना रहा, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे न केवल उद्योगों पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
कुल मिलाकर, इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में यह उछाल केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे आर्थिक ढांचे पर पड़ने वाला है। ऐसे में आने वाले समय में महंगाई को लेकर सरकार और आम जनता दोनों के लिए चुनौती बढ़ सकती है।