ओंकारेश्वर में रक्तदान पर VIP दर्शन

Fri 06-Feb-2026,05:16 PM IST +05:30

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  • ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा निःशुल्क वीआईपी दर्शन का विशेष लाभ

  • काशी, तिरुपति और शिर्डी मॉडल से प्रेरित योजना, रक्तदान को मिलेगा धार्मिक प्रोत्साहन

Madhya Pradesh / Ujjain :

Ujjain/ मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में अब श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ समाजसेवा का अनूठा अवसर मिलने जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट और भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की संयुक्त पहल के तहत रक्तदान करने वाले भक्तों को विशेष वीआईपी दर्शन सुविधा दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य न केवल रक्तदान को बढ़ावा देना है, बल्कि धार्मिक आस्था के साथ मानवीय सेवा को भी जोड़ना है।

रक्तदान से मिलेगा वीआईपी दर्शन का लाभ

ओंकारेश्वर मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जो श्रद्धालु स्वेच्छा से रक्तदान करेंगे, उन्हें मंदिर में निःशुल्क वीआईपी दर्शन पास प्रदान किया जाएगा। इस पास के माध्यम से भक्त विशेष प्रवेश द्वार से सीधे गर्भगृह तक पहुंच सकेंगे। इससे आम श्रद्धालुओं को लंबे समय तक कतार में लगने से राहत मिलेगी और रक्तदान के प्रति सकारात्मक रुझान भी बढ़ेगा।

कलेक्टर की पहल से मिली गति

जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इस योजना को जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा है कि एक माह के भीतर इस व्यवस्था को पूरी तरह क्रियान्वित किया जाए। कलेक्टर का मानना है कि धार्मिक स्थलों से जुड़ी ऐसी पहल समाज में रक्तदान जैसे जीवनदायी कार्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

अन्य तीर्थ स्थलों से मिली प्रेरणा

प्रशासन ने बताया कि देश के कई बड़े धार्मिक स्थलों पर पहले से ही रक्तदाताओं को विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर, तिरुपति बालाजी और शिर्डी साईं बाबा मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थों में रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को सम्मान और विशेष दर्शन का लाभ मिलता है। इन्हीं सफल प्रयोगों से प्रेरित होकर ओंकारेश्वर में यह योजना लागू की जा रही है।

रक्तदाताओं को मिलेगा सम्मान

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाए। इससे लोगों में न केवल गर्व की भावना आएगी, बल्कि अन्य लोग भी रक्तदान के लिए प्रेरित होंगे।

श्रद्धा और सेवा का संगम

मंदिर ट्रस्ट का मानना है कि यह पहल ओंकारेश्वर को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़ा तीर्थस्थल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले समय में यह योजना प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी उदाहरण बन सकती है।