DSP कल्पना वर्मा निलंबित
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प्राथमिक जांच में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबित किया गया।
होटल कारोबारी दीपक टंडन ने करोड़ों रुपये, गहने और कार देने के आरोप लगाए, जबकि डीएसपी ने सभी दावों को साजिश बताया।
Raipur/ छत्तीसगढ़ पुलिस से जुड़ा डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम होटल कारोबारी दीपक टंडन मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के बड़े मोड़ पर पहुंच गया है। प्राथमिक जांच में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद सरकार ने डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया है। यह मामला कथित वित्तीय लेन-देन, पद के दुरुपयोग और आपसी आरोप-प्रत्यारोप के चलते लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
बहुचर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा और रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन के बीच चल रहे विवाद में गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया। जारी आदेश के तहत डीएसपी कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शिकायत की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के आधार पर की गई है।
प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में वित्तीय लेन-देन, जांच के दौरान दिए गए बयानों और कथित व्हाट्सएप चैट से जुड़े तथ्यों में स्पष्ट विरोधाभास पाए गए हैं। रिपोर्ट में कर्तव्य के दौरान अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने, पद के दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के संकेत भी मिले हैं। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।
मामले में होटल कारोबारी दीपक टंडन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच उन्होंने डीएसपी कल्पना वर्मा को लगभग दो करोड़ रुपये नकद, एक हीरे की अंगूठी, एक सोने की चेन और एक कार दी थी। टंडन के अनुसार, यह सब साजिश के तहत उनसे लिया गया और बाद में उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी गई।
हालांकि, डीएसपी कल्पना वर्मा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और साजिश करार दिया है। उन्होंने किसी भी तरह के अवैध संबंध या पैसों के लेन-देन से इनकार करते हुए कहा कि यह पूरा मामला उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से रचा गया है। उनका कहना है कि वह हर स्तर की निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
वायरल CCTV फुटेज और कथित चैट को लेकर भी डीएसपी ने सफाई दी है। उन्होंने दावा किया कि वह दीपक टंडन के होटल अपने पिता के बकाया 42 लाख रुपये की वसूली के लिए गई थीं, न कि किसी अवैध लेन-देन के लिए।
जानकारी के अनुसार, दोनों की पहचान वर्ष 2021 में महासमुंद पोस्टिंग के दौरान हुई थी। समय के साथ मुलाकातें बढ़ीं और माना में ट्रांसफर के बाद संबंध और नजदीक हो गए। वर्ष 2023 में रायपुर के एक रेस्टोरेंट प्रोजेक्ट को लेकर शुरू हुई आर्थिक डील से विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन किसी भी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं हुई है।