पाकिस्तान बना दुनिया का सबसे खतरनाक देश? टेररिज्म इंडेक्स 2025 में चौंकाने वाला खुलासा

Sun 22-Mar-2026,04:52 PM IST +05:30

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पाकिस्तान बना दुनिया का सबसे खतरनाक देश? टेररिज्म इंडेक्स 2025 में चौंकाने वाला खुलासा Pakistan Terrorism Ranking
  • पाकिस्तान टेररिज्म इंडेक्स में पहले स्थान पर पहुंचा. 

  • टीटीपी के हमलों और मौतों में लगातार बढ़ोतरी. 

  • खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे प्रभावित क्षेत्र. 

Punjab / Umerkot :

Pakistan / पाकिस्तान को पहली बार ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद से प्रभावित देश घोषित किया गया है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस की 2025 की रिपोर्ट ने एक बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश की है, जो न केवल पाकिस्तान बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए बड़ा संकेत मानी जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़ी मौतों की संख्या बढ़कर 1139 हो गई, जो पिछले साल की तुलना में 6 प्रतिशत ज्यादा है। यह आंकड़ा 2013 के बाद सबसे अधिक है। वहीं, पूरे साल में 1,045 आतंकी घटनाएं दर्ज की गईं, जो यह दिखाती हैं कि देश में सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। पाकिस्तान का स्कोर 8.574 रहा, जिससे उसने बुर्किना फासो को पीछे छोड़ते हुए इस सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया।

इस रिपोर्ट में एक और अहम बात सामने आई कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से होने वाली कुल मौतों का लगभग 70 प्रतिशत सिर्फ पांच देशों—पाकिस्तान, बुर्किना फासो, नाइजीरिया, नाइजर और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो—में हुआ। यानी समस्या अब कुछ खास क्षेत्रों में सिमटती जा रही है, लेकिन उन इलाकों में हालात बेहद गंभीर हैं।

पाकिस्तान के भीतर भी आतंकवाद का प्रभाव हर जगह समान नहीं है। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान ऐसे प्रांत हैं, जहां हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां 74 प्रतिशत से अधिक हमले और 67 प्रतिशत मौतें दर्ज की गईं। इन इलाकों में सरकारी नियंत्रण कमजोर माना जाता है, जिसका फायदा आतंकी संगठनों को मिलता है।

इस बढ़ती हिंसा के पीछे सबसे बड़ा नाम तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में टीटीपी ने 595 हमले किए, जो पिछले साल के मुकाबले 24 प्रतिशत अधिक हैं। इन हमलों में 637 लोगों की जान गई, जो 2011 के बाद सबसे ज्यादा है। टीटीपी 2009 से अब तक पाकिस्तान में हुए कुल हमलों के 67 प्रतिशत से अधिक के लिए जिम्मेदार रहा है, जो इसकी गहरी पकड़ को दिखाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी ने भी पाकिस्तान की स्थिति को और जटिल बना दिया है। इससे टीटीपी को सीमा पार से समर्थन और संचालन की बेहतर क्षमता मिली है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव भी इस समस्या को और बढ़ा रहा है।

एक और चौंकाने वाला पहलू बंधक बनाने की घटनाओं में भारी उछाल है। 2025 में 101 के मुकाबले 655 लोग बंधक बनाए गए, जिनमें जाफर एक्सप्रेस हमले में अकेले 442 लोग शामिल थे। यह आंकड़े बताते हैं कि आतंकियों के तरीके और भी आक्रामक होते जा रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दुनिया के चार सबसे घातक आतंकी संगठनों में केवल टीटीपी ही ऐसा संगठन है, जिसकी गतिविधियां बढ़ी हैं, जबकि बाकी में गिरावट देखी गई है। यह पाकिस्तान के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

दिलचस्प बात यह भी है कि जहां पाकिस्तान में हालात खराब हुए हैं, वहीं दक्षिण एशिया के अन्य देशों, खासकर भारत में स्थिति में सुधार देखा गया है। इससे साफ होता है कि मजबूत नीति और सख्त कार्रवाई से आतंकवाद पर काबू पाया जा सकता है। पाकिस्तान के लिए यह रिपोर्ट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि अब ठोस कदम उठाने का समय आ चुका है।