नतांज हमले पर रूस का तीखा बयान: अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन, बढ़ा मिडिल ईस्ट तनाव

Sat 21-Mar-2026,09:23 PM IST +05:30

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नतांज हमले पर रूस का तीखा बयान: अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन, बढ़ा मिडिल ईस्ट तनाव Russia Iran News
  • रूस ने नतांज हमले की कड़ी निंदा की.

  • IAEA ने हमले की पुष्टि, रिसाव नहीं.

  • मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव.

Republic of Buryatia / Bichura :

Russia / ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हुए ताजा हवाई हमले को लेकर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि परमाणु स्थलों को निशाना बनाना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। रूस का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य-पूर्व में पहले से ही तनाव चरम पर है।

नतांज पर हमला और IAEA की पुष्टि
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सूचित किया कि नतांज परमाणु फैसिलिटी पर हमला हुआ है। एजेंसी ने भी अपने आधिकारिक बयान में इस घटना की पुष्टि की है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हमले के बाद किसी भी तरह का रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ। ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने स्पष्ट किया कि आसपास के निवासियों के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं है। IAEA ने भी कहा कि अब तक किसी प्रकार का रेडियोलॉजिकल प्रभाव सामने नहीं आया है, लेकिन जांच जारी है।

मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका-इजरायल गठबंधन लगातार ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को निशाना बना रहा है। नतांज, जो ईरान का मुख्य यूरेनियम संवर्धन केंद्र है, पहले भी कई बार हमलों का शिकार हो चुका है। इस बार का हमला एक बार फिर यह दिखाता है कि क्षेत्र में हालात कितने नाजुक बने हुए हैं।

रूस-ईरान संबंध और समर्थन
रूस लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता रहा है और JCPOA जैसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों का समर्थन करता है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और तकनीकी सहयोग भी रहा है, खासकर परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में। रूस की ओर से इस हमले की निंदा करना यह साफ संकेत देता है कि वह ईरान के साथ खड़ा है और पश्चिमी देशों की कार्रवाई को आक्रामक मानता है।

परमाणु सुरक्षा पर बढ़ती चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार परमाणु स्थलों पर हमले होना बेहद चिंताजनक है। भले ही इस बार कोई रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ, लेकिन ऐसे हमले भविष्य में बड़े खतरे को जन्म दे सकते हैं। परमाणु सुविधाओं की स्थिरता पर असर पड़ना न केवल संबंधित देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

क्षेत्रीय युद्ध का खतरा और अपील
रूस ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही बिगड़ते रहे, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसमें मिसाइल हमले और जवाबी कार्रवाई और तेज हो सकती है।

कुल मिलाकर, नतांज पर हुआ यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति, परमाणु सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह तनाव किस दिशा में जाता है और क्या कूटनीतिक समाधान निकल पाता है या नहीं।