राष्ट्रपति मुर्मु से मिले स्पेन के विदेश मंत्री

Wed 21-Jan-2026,05:33 PM IST +05:30

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राष्ट्रपति मुर्मु से मिले स्पेन के विदेश मंत्री India-Spain-Relations-President-Murmu-Meets-Spanish-Foreign-Minister
  • राष्ट्रपति मुर्मु और स्पेन के विदेश मंत्री की भेंट में व्यापार, निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा सहयोग को नई गति देने पर सहमति।

  • भारत-स्पेन राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ 2026 में संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्ष के रूप में मनाई जाएगी।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने स्पेन के विदेश मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और स्पेन के बीच संबंध सदियों पुराने हैं, जो व्यापार, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों से मजबूत हुए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, जिसे ‘संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच आर्थिक सहयोग लगातार विस्तार पा रहा है। व्यापार और निवेश में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से इंजीनियरिंग, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी सेवाओं, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में स्पेन की तकनीकी दक्षता की सराहना की, जो भारत की विकास प्राथमिकताओं को सशक्त बनाने में सहायक है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने के बाद भारत और स्पेन के बीच व्यापारिक संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे। इससे निवेश, रोजगार और तकनीकी सहयोग के नए अवसर सृजित होंगे।

बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग पर बल देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और स्पेन, संयुक्त राष्ट्र और जी-20 जैसे वैश्विक मंचों पर मिलकर शांति, समृद्धि और स्थिरता के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने आतंकवाद को वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इसके सभी स्वरूपों से निपटने के लिए दोनों देशों को एकजुट प्रयास करने होंगे।

इसके अलावा राष्ट्रपति ने यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत के बढ़ते संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के अध्यक्षों का स्वागत करने के लिए उत्सुक है। यह भारत–यूरोप संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है।