भारत पर्व 2026 में NCSM की विज्ञान प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

Thu 29-Jan-2026,03:58 PM IST +05:30

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भारत पर्व 2026 में NCSM की विज्ञान प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र NCSM-Interactive-Science-Exhibition-Bharat-Parv-2026
  • एआई डिजिटल मॉर्फिंग, वर्चुअल साइकिलिंग और डिजिटल ऑर्केस्ट्रा ने विज्ञान और तकनीक के आधुनिक स्वरूप को प्रदर्शित किया।

  • लाइव विज्ञान व्याख्यानों के माध्यम से जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को वास्तविक जीवन से जोड़कर समझाया गया।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ भारत पर्व 2026 के अवसर पर विज्ञान और तकनीक का अनूठा संगम लाल किले के ऐतिहासिक मैदान में देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) की इकाई, दिल्ली स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र द्वारा लगाई गई संवादात्मक विज्ञान प्रदर्शनी दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन गई है। पर्यटन मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं और बच्चों में वैज्ञानिक सोच को रोचक और व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से बढ़ावा देना है।

लाल किले के मैदान में आयोजित भारत पर्व 2026 में केंद्रीय मंत्रालयों के स्टॉल संख्या 9 पर एनसीएसएम की यह प्रदर्शनी विज्ञान को जनसामान्य के लिए सरल, सुलभ और मनोरंजक बनाने का प्रभावी प्रयास है। प्रदर्शनी में द्रव गतिकी, भंवर निर्माण, गुरुत्वाकर्षण केंद्र और पाइथागोरस प्रमेय जैसे जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को पोर्टेबल और दृश्य माध्यमों से समझाया जा रहा है।

आगंतुकों के लिए वर्चुअल साइकिलिंग, ज़ूम टेबल और डिजिटल ऑर्केस्ट्रा जैसे आधुनिक तकनीकी प्रयोग विशेष आकर्षण बने हुए हैं। डिजिटल ऑर्केस्ट्रा में मोशन सेंसर तकनीक के माध्यम से बिना किसी वाद्य यंत्र के संगीत का संचालन किया जा रहा है, जो विज्ञान और कला के अद्भुत मेल को दर्शाता है।

प्रदर्शनी का सबसे लोकप्रिय आकर्षण एआई-संचालित डिजिटल मॉर्फिंग बूथ है, जहां दर्शक स्वयं को फिल्मी किरदारों या पारंपरिक वेशभूषा में देख सकते हैं। यह तकनीक न केवल मनोरंजन प्रदान कर रही है, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्षमताओं को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रही है। इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञों द्वारा आयोजित लाइव विज्ञान प्रदर्शन व्याख्यानों में बर्नौली सिद्धांत, कोणीय संवेग संरक्षण, जड़त्व आघूर्ण और द्रव यांत्रिकी जैसी अवधारणाओं को दैनिक जीवन के उदाहरणों से जोड़ा जा रहा है। इससे आगंतुकों को विज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने में मदद मिल रही है।

संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्यरत एनसीएसएम देशभर में फैले अपने 25 विज्ञान केंद्रों के माध्यम से वैज्ञानिक जागरूकता, नवाचार और जिज्ञासा को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को भारत पर्व 2026 में प्रभावशाली ढंग से साकार कर रहा है।