छत्तीसगढ़ में माओवादी शहरी नेटवर्क का खुलासा

Wed 18-Mar-2026,01:52 PM IST +05:30

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  • छत्तीसगढ़ में SIA ने शहरी माओवादी नेटवर्क का खुलासा कर 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जो शहरों से नक्सलियों को सहयोग दे रहे थे।

  • छापेमारी में सोना, नकदी, लैपटॉप और अन्य सामान बरामद, जिससे माओवादी गतिविधियों के शहरी कनेक्शन का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ।

Chhattisgarh / Bilaspur :

Chhattisgarh/ छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों के शहरी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने बिलासपुर की विशेष अदालत में 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच के दौरान सामने आया कि ये आरोपी शहरी क्षेत्रों में रहकर नक्सली संगठनों को सक्रिय सहयोग दे रहे थे।

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी रायपुर, बीजापुर और नारायणपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों से गिरफ्तार किए गए थे। ये लोग शहरों में सामान्य जीवन जीते हुए माओवादी संगठन के लिए आवश्यक सामग्री, धन और गोपनीय सूचनाएं पहुंचाने का काम करते थे।

इस नेटवर्क का खुलासा 23 सितंबर 2025 को हुआ, जब रायपुर के डीडी नगर इलाके से जग्गू कुरसम और उसकी पत्नी कमला कुरसम को गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा और अन्य आरोपियों रामा इचाम, धनसिंग गावड़े, संदेव पोडियामी, गिरधर नाग, सुकारो कोरसा और शंकर कोरसा को भी हिरासत में लिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि एक आरोपी आकाश उर्फ पवन उर्फ पुष्कर भुआर्य अपनी पहचान छुपाने के लिए रायपुर में मजदूर बनकर रह रहा था। वह गुप्त रूप से संगठन के लिए काम करता था और नेटवर्क को मजबूत करने में जुटा था।

SIA की जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी आपसी संपर्क के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। वे समय-समय पर अलग-अलग स्थानों पर मिलते और अवैध सामग्री तथा सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे।

जंगल क्षेत्रों से जुड़े सदस्य माओवादी नेताओं के निर्देश पर शहरों में आते थे और यहां से जरूरी संसाधन लेकर वापस लौटते थे। इस तरह शहरी और जंगल नेटवर्क के बीच एक मजबूत कड़ी बनाई गई थी।

छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से करीब 300 ग्राम सोना, लगभग 2.5 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और मोटरसाइकिल बरामद की गई। यह सामग्री माओवादी गतिविधियों में उपयोग के लिए रखी गई थी। यह खुलासा सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, जो शहरी नेटवर्क के जरिए नक्सल गतिविधियों को रोकने की दिशा में बड़ा कदम है।