उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नव वर्ष पर्वों पर दी शुभकामनाएं, एकता और समृद्धि का संदेश
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Vice President India Wishes
उपराष्ट्रपति ने विभिन्न नव वर्ष पर्वों पर दी शुभकामनाएं.
त्योहारों को एकता और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक बताया.
खुशहाली, समृद्धि और सकारात्मकता का संदेश दिया.
Delhi / उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने देशभर में मनाए जाने वाले पारंपरिक नव वर्ष उत्सवों के अवसर पर सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में नव संवत्सर, चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी पड़वा, चेटीचंड, नवरेह, साजिबू चेइराओबा और चैत्र नवरात्रि जैसे विभिन्न त्योहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी पर्व भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता के सुंदर प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भले ही इन त्योहारों को अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता हो, लेकिन इनका मूल भाव एक ही है—नए वर्ष की शुरुआत, नई उम्मीदों का संचार और प्रकृति के नव रूप का स्वागत। वसंत ऋतु के आगमन के साथ ये पर्व जीवन में सकारात्मकता, ऊर्जा और उत्साह का संदेश लेकर आते हैं।
उपराष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की यही विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है, जहां अलग-अलग परंपराएं और संस्कृतियां मिलकर एक मजबूत राष्ट्रीय पहचान बनाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर हमें एक-दूसरे के करीब लाते हैं और समाज में भाईचारे व सद्भाव को मजबूत करते हैं।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने कामना की कि ये सभी शुभ अवसर देशवासियों के जीवन में खुशियां, समृद्धि और नई उम्मीदें लेकर आएं। साथ ही उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इन त्योहारों की भावना को अपनाते हुए एक बेहतर और सकारात्मक समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।