सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: गोल्ड ₹25,000 और सिल्वर ₹1.49 लाख तक टूटा, निवेशक हैरान
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Gold Price Fall India
सोना ₹4,000 और चांदी ₹13,000 तक सस्ती.
MCX और IBJA दोनों में कीमतों में गिरावट.
वैश्विक तनाव के बावजूद उल्टा ट्रेंड देखने को मिला.
Delhi / 19 मार्च को सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने बाजार और निवेशकों—दोनों को चौंका दिया है। आमतौर पर जब दुनिया में तनाव या युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड और सिल्वर की ओर भागते हैं। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है, जो बाजार के लिए असामान्य संकेत है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत में एक ही दिन में करीब 13,000 रुपये की गिरावट आई और यह 2.37 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। कुछ दिन पहले तक यही कीमत 2.50 लाख रुपये के आसपास थी। वहीं 24 कैरेट सोना भी करीब 4,000 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरकर 1.52 लाख रुपये पर आ गया, जबकि 18 मार्च को यह 1.56 लाख रुपये था।
अगर पिछले 5 कारोबारी दिनों की बात करें तो सोना लगभग 9,000 रुपये और चांदी करीब 31,000 रुपये सस्ती हो चुकी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी यही ट्रेंड देखने को मिला। चांदी का वायदा भाव शुक्रवार को 2,59,435 रुपये प्रति किलो था, लेकिन सोमवार को खुलते ही यह 2,50,746 रुपये पर आ गया—यानी एक झटके में 8,689 रुपये की गिरावट।
दिलचस्प बात यह है कि 28 फरवरी को जब पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज हुआ था, तब चांदी की कीमत 2.82 लाख रुपये प्रति किलो थी। अब महज 11 कारोबारी दिनों में यह करीब 31,898 रुपये सस्ती हो चुकी है। यानी जहां उम्मीद थी कि कीमतें बढ़ेंगी, वहां उल्टा दबाव देखने को मिल रहा है।
अगर बड़े ट्रेंड पर नजर डालें तो इस साल सोने और चांदी दोनों में भारी उतार-चढ़ाव आया है। सोना, जो 29 जनवरी 2026 को 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर था, अब करीब 25,000 रुपये सस्ता होकर 1.52 लाख पर आ गया है। वहीं चांदी ने तो और बड़ा झटका दिया है—अपने 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर से गिरकर अब 2.37 लाख रुपये पर पहुंच चुकी है। यानी करीब 1.49 लाख रुपये की बड़ी गिरावट।
देश के प्रमुख शहरों—दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद—में भी कीमतों में यही ट्रेंड देखने को मिला है, जहां सोने और चांदी के दाम लगभग समान स्तर पर नीचे आए हैं।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली (profit booking), डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद और निवेशकों की रणनीति में बदलाव—ये सभी फैक्टर्स कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
भारत में सोना-चांदी की कीमतें सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार से ही तय नहीं होतीं, बल्कि डॉलर-रुपया विनिमय दर, इंपोर्ट ड्यूटी, टैक्स, और घरेलू मांग-आपूर्ति भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। MCX और IBJA जैसे प्लेटफॉर्म रोजाना इनकी कीमतों का बेंचमार्क तय करते हैं।
कुल मिलाकर, मौजूदा गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार इस समय बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है, क्योंकि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम के आधार पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।