12 जुलाई तक कराए जाएंगे यूपी पंचायत चुनाव, OBC आयोग के गठन का प्रस्ताव भेजा गया: ओपी राजभर
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UP Panchayat Election 2026
12 जुलाई से पहले पंचायत चुनाव कराने की तैयारी.
OBC आयोग गठन का प्रस्ताव, आरक्षण प्रक्रिया जल्द तय.
सरकार और निर्वाचन आयोग पूरी तरह सक्रिय.
Lucknow / उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि चुनाव निर्धारित समय सीमा के भीतर ही कराए जाएंगे। प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री Om Prakash Rajbhar ने कहा है कि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 12 जुलाई तक ही मान्य है, इसलिए इससे पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। एक मीडिया बातचीत में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग दोनों इस दिशा में तैयारियां कर रहे हैं और अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी बाधा नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के हजारों पदों पर चुनाव होने हैं, जिनमें प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। सरकार का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समय पर चुनाव कराना जरूरी है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर तेजी से तैयारियां चल रही हैं।
पंचायत चुनाव से पहले OBC आरक्षण का मुद्दा भी चर्चा में है। इस पर मंत्री ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन जल्द किया जाएगा ताकि आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया तय समय में पूरी हो सके। उनके अनुसार अगली कैबिनेट बैठक तक आयोग के गठन का निर्णय हो सकता है और उसके बाद रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में आरक्षण तय किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग के निदेशक Amit Kumar Singh ने भी पुष्टि की है कि आयोग के गठन से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। सरकार का कहना है कि चुनाव पूर्व की व्यवस्था और आरक्षण चक्र के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी ताकि किसी वर्ग के अधिकार प्रभावित न हों। इसी दौरान मंत्री ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी राजनीतिक बयान दिया और दावा किया कि National Democratic Alliance दोबारा सत्ता में लौटेगा और Yogi Adityanath के नेतृत्व में सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर कोई मतभेद नहीं है। वहीं हाल में दरोगा भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ विकल्प को लेकर उठे विवाद पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘पंडित’ शब्द का अर्थ विद्वान होता है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। सरकार का दावा है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया समय पर पूरी कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और आयोग की रिपोर्ट आने के बाद आरक्षण की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।