चारधाम यात्रा 2026 में डिजिटल टोकन सिस्टम
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Char Dham Yatra 2026 Digital Token
बुजुर्ग, दिव्यांग और असमर्थ यात्रियों के लिए गोल्फ कार्ट और ऑल टेरेन व्हीकल (ATV) की सुविधा दी जाएगी।
केदारनाथ-बद्रीनाथ में बड़े डिस्प्ले बोर्ड और QR कोड, प्रशिक्षित गाइड और एक्स्ट्रा पार्किंग से यात्रा को और सुगम बनाया जाएगा।
Uttrakhand/ उत्तराखंड सरकार आगामी चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं को लंबी कतारों और भीड़ से राहत देने के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम लागू करने जा रही है। इसके तहत श्रद्धालुओं को मंदिरों में लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रत्येक श्रद्धालु को एक टोकन नंबर जारी किया जाएगा और डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन पर टोकन नंबर आने पर ही दर्शन के लिए प्रवेश मिलेगा।
केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों पर वर्तमान में जारी टोकन नंबर, दर्शन का संभावित समय और अन्य जरूरी जानकारी दिखाई जाएगी। इससे श्रद्धालु अपने समय का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे और मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। जनवरी के अंत तक यह पूरा डिजिटल टोकन सिस्टम तैयार हो जाएगा।
चलने में असमर्थ, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए इस बार गोल्फ कार्ट और ऑल टेरेन व्हीकल (ATV) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। गोल्फ कार्ट बैटरी से चलने वाली छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ी है, जो मंदिर परिसर और आसपास के कम दूरी के मार्गों पर श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने में सहायक होगी। ATV वाहन कठिन और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों पर आसानी से चल सकेंगे।
चारधाम यात्रा मार्गों पर सूचना व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। प्रमुख स्थानों पर साइनेज बोर्ड और QR कोड लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा से संबंधित जरूरी जानकारी तुरंत मिल सकेगी। पर्यटन विभाग द्वारा प्रशिक्षित और सर्टिफाइड गाइड भी तैनात किए जाएंगे, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम से तैयार किया जाएगा।
केदारनाथ रोपवे परियोजना के शुरू होने से यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए सोनप्रयाग और गौरीकुंड में अतिरिक्त पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा मंदिर परिसर के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। शीतकालीन यात्रा के दौरान अब तक करीब 15,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में चार प्रमुख तीर्थ स्थल शामिल हैं – यमुनोत्री (उत्तरकाशी), गंगोत्री (उत्तरकाशी), केदारनाथ (रुद्रप्रयाग), और बद्रीनाथ (चमोली)। हर साल हिमालय की ऊँचाइयों तक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार डिजिटल तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से यात्रा को और सुगम बनाया जाएगा।
इस बार डिजिटल टोकन, डिस्प्ले बोर्ड, गोल्फ कार्ट, ATV, QR कोड और प्रशिक्षित गाइड जैसी सुविधाओं से श्रद्धालुओं को लंबी कतार और भीड़ से राहत मिलेगी और यात्रा अनुभव और सुरक्षित व व्यवस्थित होगा।