12 फरवरी भारत बंद: 30 करोड़ श्रमिक हड़ताल
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12 फरवरी भारत बंद का आह्वान, 30 करोड़ श्रमिकों की संभावित भागीदारी, लेबर कोड और व्यापार समझौते के खिलाफ विरोध।
OPS बहाली, निजीकरण पर रोक और न्यूनतम वेतन वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल।
Delhi/ संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। यह विरोध केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, चार नए श्रम कानूनों और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ किया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि लगभग 30 करोड़ मजदूर और कर्मचारी इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग ले सकते हैं, जिससे बैंकिंग, परिवहन और बाजार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
INTUC, AITUC, CITU और HMS सहित कई प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने इस बंद का समर्थन किया है। संगठनों का कहना है कि सरकार की नीतियां श्रमिकों, किसानों और सार्वजनिक क्षेत्र के हितों के खिलाफ हैं। आंदोलनकारियों ने चार नए लेबर कोड वापस लेने, सरकारी उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने और पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग की है।
इसके अलावा, न्यूनतम वेतन बढ़ाने, निर्माण और बिजली क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा कृषि क्षेत्र में नीतिगत सुधार की भी मांग उठाई गई है। संगठनों ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को रद्द करने की भी मांग की है।
बैंकिंग सेक्टर में AIBEA, AIBOA और BEFI जैसी यूनियनों ने समर्थन की घोषणा की है। हालांकि 12 फरवरी को आधिकारिक बैंक अवकाश नहीं है, लेकिन कर्मचारियों की भागीदारी के कारण काउंटर सेवाएं, चेक क्लीयरेंस और ऑफलाइन लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं। डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई, नेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी।
परिवहन क्षेत्र में बस, ऑटो और ट्रक यूनियनों के समर्थन से कई राज्यों में यातायात सेवाएं बाधित हो सकती हैं। व्यापारिक संगठनों के समर्थन के कारण थोक और खुदरा बाजार आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रह सकते हैं। कुछ सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहने की संभावना है। स्कूल और कॉलेजों को लेकर अंतिम निर्णय स्थानीय प्रशासन लेगा। वहीं, अस्पताल, एंबुलेंस, दमकल और हवाई सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा या बैंकिंग कार्य से पहले स्थानीय स्थिति की जानकारी लें और संभव हो तो ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करें।