आरंग अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त

Thu 12-Feb-2026,12:45 PM IST +05:30

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आरंग अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त Arang-Illegal-,ining-Highcourt-Cction
  • आरंग के ग्राम निसदा में अवैध खनन से 400 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित, महानदी में माइनिंग वेस्ट डंपिंग के आरोप।

  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लीज एरिया के बाहर उत्खनन पर रोक लगाते हुए 30 करोड़ रुपए जुर्माना नोटिस जारी किया।

Chhattisgarh / Arang :

Arang/ रायपुर से लगे आरंग क्षेत्र के ग्राम निसदा में अवैध उत्खनन का मामला गंभीर रूप ले चुका है। खनन गतिविधियों के कारण करीब 400 एकड़ कृषि भूमि बंजर होने की कगार पर पहुंच गई है। आरोप है कि माइनिंग वेस्ट और पत्थर महानदी में डंप किए जा रहे हैं, जिससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हो रहा है। इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

ग्राम निसदा निवासी ओम प्रकाश सेन द्वारा दायर जनहित याचिका में बताया गया कि फ्लैग स्टोन और चूना पत्थर के उत्खनन के लिए 15 लोगों को लीज दी गई थी। आरोप है कि लीजधारकों ने स्वीकृत क्षेत्र से लगभग पांच गुना अधिक जमीन पर कब्जा कर अवैध खनन शुरू कर दिया। इससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ, बल्कि किसानों की उपजाऊ भूमि भी प्रभावित हुई है।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने लीज एरिया के बाहर हो रहे उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने खनिज विभाग के सचिव से शपथपत्र के साथ विस्तृत जवाब मांगा है। साथ ही सात दोषी लीजधारकों पर 30 करोड़ रुपए का जुर्माना नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी।

याचिका में यह भी कहा गया कि संबंधित क्षेत्र की पर्यावरणीय अनुमति तीन वर्ष पहले समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद ब्लास्टिंग और खनन कार्य जारी रहा। राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कलेक्टर के निर्देश पर जांच कर सात लीजधारकों को दोषी पाया गया है।

हाईकोर्ट ने विशेष रूप से महानदी में माइनिंग वेस्ट और पत्थर डंपिंग पर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई लीजधारक इस कार्रवाई को चुनौती देता है, तो उसकी याचिका भी इसी मामले के साथ सुनी जाएगी।