नोएडा हादसा: सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत पर बड़ा एक्शन, नोएडा अथॉरिटी CEO हटाए गए

Mon 19-Jan-2026,09:53 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

नोएडा हादसा: सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत पर बड़ा एक्शन, नोएडा अथॉरिटी CEO हटाए गए Noida Engineer Accident
  • नोएडा हादसे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन.

  • सुरक्षा लापरवाही से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत.

  • बिल्डर्स पर FIR, SIT से जांच जारी.

Uttar Pradesh / Noida :

Noida / नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे और एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद प्रशासन ने आखिरकार बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में नोएडा अथॉरिटी के सीईओ एम. लोकेश को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई है, जिसने न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया, बल्कि शहर में निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे में जान गंवाने वाले युवराज मेहता गुरुग्राम की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे और नोएडा के टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में रहते थे। शुक्रवार रात वह काम से घर लौट रहे थे, तभी सेक्टर-150 के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर एक निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। आरोप है कि गड्ढे के आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी के लिए रिफ्लेक्टर लगाए गए थे, जिससे यह इलाका बेहद खतरनाक बना हुआ था।

पुलिस के अनुसार, हादसे की सूचना रात करीब 12.15 बजे मिली, लेकिन युवराज का शव शनिवार सुबह ही बरामद किया जा सका। रेस्क्यू ऑपरेशन लंबा और जटिल रहा, जिसमें फायर डिपार्टमेंट, स्थानीय पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमें शामिल रहीं। कई घंटों तक चले इस अभियान ने बचाव व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना के एक चश्मदीद, डिलीवरी एजेंट मोहिंदर ने रेस्क्यू में देरी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर समय पर और तेजी से कार्रवाई होती, तो संभव है कि युवराज की जान बचाई जा सकती थी। मोहिंदर ने यह भी दावा किया कि कड़ाके की ठंड और गड्ढे में बाहर निकली लोहे की छड़ों के कारण बचाव दल पानी से भरे गड्ढे में उतरने से हिचकिचा रहा था, जिससे कीमती वक्त बर्बाद हुआ।

इस मामले में जांच के लिए पहले ही एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया जा चुका है। वहीं, युवराज मेहता के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार को नॉलेज पार्क थाने में एमजे विशटाउन प्लानर लिमिटेड और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। परिवार का आरोप है कि डेवलपर्स ने बुनियादी सुरक्षा इंतजाम तक नहीं किए थे, जबकि यह क्षेत्र पहले से ही दुर्घटना संभावित माना जाता था। स्थानीय निवासियों ने भी कई बार प्रशासन और बिल्डर्स को खतरे के बारे में चेताया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

इस पूरे घटनाक्रम ने नोएडा में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों की निगरानी और जिम्मेदारी तय करने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। प्रशासन की कार्रवाई से पीड़ित परिवार को कुछ हद तक न्याय की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इस हादसे से सबक लेकर भविष्य में ऐसी लापरवाहियों पर समय रहते रोक लगाई जाएगी।