आर्थिक सर्वेक्षण: मोदी नेतृत्व में कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति
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आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कृषि क्षेत्र की औसत वार्षिक वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रही, जो वैश्विक औसत से अधिक और स्थिर विकास का संकेत है।
ग्रामीण सड़कों, आवास, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और महिला आजीविका योजनाओं से ग्रामीण भारत में बुनियादी बदलाव देखने को मिला।
Bhopal/ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आर्थिक सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसके आंकड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि और ग्रामीण भारत की मजबूत और स्थिर प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में कृषि उत्पादन, बागवानी विस्तार, ग्रामीण आधारभूत ढांचे और आजीविका सृजन के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल हुई हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और किसानों की आय दोनों को मजबूती मिली है।
आर्थिक सर्वेक्षण के हवाले से केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में कृषि एवं सहायक क्षेत्रों की औसत वार्षिक विकास दर 4.4 प्रतिशत रही है, जो वैश्विक औसत से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2016 से 2025 के दौरान कृषि क्षेत्र की दशकीय वृद्धि दर 4.45 प्रतिशत दर्ज की गई, जो अब तक की सबसे ऊंची दरों में शामिल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भी कृषि क्षेत्र ने 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर अपनी स्थिरता साबित की है।
उन्होंने कहा कि 2024-25 में देश का खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। चावल, गेहूं, मक्का और मोटे अनाज (श्री अन्न) की बेहतर पैदावार ने भारत को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है और कई फसलों में वैश्विक नेतृत्व दिलाया है।
बागवानी क्षेत्र को कृषि विकास का उज्ज्वल पक्ष बताते हुए श्री चौहान ने कहा कि कृषि सकल मूल्य वर्धन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 33 प्रतिशत हो चुकी है। वर्ष 2013-14 में 280.70 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में बागवानी उत्पादन 367.72 मिलियन टन तक पहुंच गया है। फल, सब्जियां और अन्य बागवानी फसलों का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की आय में विविधता आई है।
ग्रामीण विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 99.6 प्रतिशत से अधिक पात्र बसावटों को हर मौसम में चलने वाली सड़कों से जोड़ा जा चुका है। पीएमजीएसवाई-IV के अंतर्गत 10,000 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों की स्वीकृति से दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी।
उन्होंने बताया कि ‘सभी के लिए आवास’ लक्ष्य के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 3.70 करोड़ पक्के मकान बन चुके हैं। डिजिटल भूमि रिकॉर्ड, स्वामित्व योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।