शिवराज सिंह चौहान से मिले तेलंगाना कृषि मंत्री, दलहन खरीद और ऑयल पाम पर हुई चर्चा

Wed 02-Sep-2026,11:33 PM IST +05:30

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शिवराज सिंह चौहान से मिले तेलंगाना कृषि मंत्री, दलहन खरीद और ऑयल पाम पर हुई चर्चा Agriculture News
  • तेलंगाना में दलहन खरीद और ऑयल पाम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

  • ऑयल पाम के लिए रिसर्च स्टेशन और MSP निर्धारित करने की मांग उठी।

  • शिवराज सिंह चौहान ने SATHI Portal और कृषि मिशनों के तेज क्रियान्वयन पर जोर दिया।

Delhi / Delhi :

Delhi / केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से तेलंगाना के कृषि मंत्री श्री टी. नागेश्वर राव ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में मुलाकात की। बैठक के दौरान तेलंगाना में कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने किसानों के हित में केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय तथा कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी विचार-विमर्श किया।

बैठक में तेलंगाना के कृषि मंत्री ने राज्य में दलहन की खरीद, ऑयल पाम और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य विषयों को केंद्रीय कृषि मंत्री के सामने रखा। उन्होंने राज्य में ऑयल पाम के लिए रिसर्च स्टेशन स्थापित करने का अनुरोध किया। इसके अलावा ऑयल पाम के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP निर्धारित करने का विषय भी उठाया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत सरकार किसानों के हित में तुअर यानी अरहर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करती है। इसके अतिरिक्त अन्य दलहन फसलों की 25 प्रतिशत तक खरीद प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान यानी PM-AASHA के तहत की जाती है।

शिवराज सिंह चौहान ने तेलंगाना सरकार से दलहन मिशन और ऑयलसीड मिशन के क्रियान्वयन में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत तेलंगाना को 100 प्रतिशत राशि जारी की जा चुकी है। वहीं, कृषोन्नति योजना के तहत राज्य को 329 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने तेलंगाना में SATHI Portal के क्रियान्वयन को भी प्राथमिकता देने का आग्रह किया। यह पोर्टल बीज के पूरे जीवन चक्र को एकीकृत करता है। इसके माध्यम से बीज उत्पादन से लेकर प्रमाणन, लाइसेंसिंग, बीज इन्वेंट्री और प्रमाणित विक्रेताओं के जरिए किसानों तक बिक्री की प्रक्रिया को डिजिटल और स्वचालित किया जाता है। इससे बीजों की ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करने में भी मदद मिलती है।

बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच कृषि क्षेत्र में समन्वय को मजबूत करना रहा। दोनों पक्षों ने किसानों तक केंद्र सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

कृषि क्षेत्र में दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऑयल पाम की खेती, अनुसंधान और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य के बीच आगे भी समन्वय बनाए रखने पर चर्चा हुई। बैठक को तेलंगाना के कृषि क्षेत्र में योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन और किसानों से जुड़े विषयों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।