ECLGS 5.0 से कारोबार को राहत, 2.55 लाख करोड़ रुपये तक अतिरिक्त ऋण का लक्ष्य

Sat 05-Sep-2026,11:28 AM IST +05:30

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ECLGS 5.0 से कारोबार को राहत, 2.55 लाख करोड़ रुपये तक अतिरिक्त ऋण का लक्ष्य Emergency Credit Line Guarantee Scheme
  • ECLGS 5.0 के तहत 2.55 लाख करोड़ रुपये तक अतिरिक्त ऋण प्रवाह का लक्ष्य है।

  • MSME, पात्र गैर-MSME और अनुसूचित यात्री एयरलाइंस को योजना का लाभ मिलेगा।

  • 20 अगस्त 2026 तक 6,73,979 गारंटियां जारी की जा चुकी थीं।

Delhi / Delhi :

Delhi / वैश्विक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण जब कारोबारों के सामने आपूर्ति श्रृंखला, लॉजिस्टिक्स लागत और नकदी की कमी जैसी चुनौतियां आती हैं, तब सरकार की नई आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) 5.0 कारोबार को संभालने में मदद करने के लिए सामने आई है। सरकार ने 5 मई 2026 को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य पात्र व्यवसायों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना और आर्थिक गतिविधियों को बिना रुकावट जारी रखने में मदद करना है।

योजना को नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (NCGTC) लागू कर रही है। इसके तहत सरकार समर्थित क्रेडिट गारंटी के जरिए पात्र उधारकर्ताओं को अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराने का रास्ता आसान बनाया गया है। सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से 2.55 लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त ऋण प्रवाह को सुगम बनाना है।

ECLGS 5.0 में किन कारोबारों को मिलेगा लाभ?
ECLGS 5.0 के दायरे में MSME, पात्र गैर-MSME कारोबारी उधारकर्ता और अनुसूचित यात्री एयरलाइन कंपनियां शामिल हैं। योजना के तहत ऋण सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, वित्तीय संस्थानों और पात्र NBFC के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है।

MSME के लिए योजना में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। पात्र MSME को दिए जाने वाले ऋण पर 100 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी, जबकि पात्र गैर-MSME के लिए 90 प्रतिशत गारंटी कवरेज उपलब्ध है। इसके अलावा MSME से इस योजना के तहत कोई गारंटी शुल्क नहीं लिया जाएगा।

100 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त ऋण
योजना के तहत पात्र MSME को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के दौरान उनके सबसे अधिक फंड-आधारित कार्यशील पूंजी बकाया के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। इसकी अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपये प्रति उधारकर्ता है। ऋण की ब्याज दर निर्धारित बेंचमार्क से जुड़ी होगी और योजना में ब्याज दरों के लिए निर्धारित सीमाएं भी लागू होंगी।

MSME के लिए ऋण अवधि पहले वितरण की तारीख से 5 वर्ष होगी, जिसमें एक वर्ष की मोरेटोरियम अवधि शामिल है।

सभी MSME को दायरे में रखने का प्रयास
योजना सभी क्षेत्रों के MSME के लिए उपलब्ध है। हालांकि पात्र गैर-MSME के मामले में कुछ क्षेत्रों को योजना से बाहर रखा गया है। इनमें NBFC, बिजली क्षेत्र, दूरसंचार सेवा प्रदाता, चीनी और एथेनॉल, IT कंपनियां, कागज एवं कागज उत्पाद, शैक्षणिक संस्थान, कुछ पेय पदार्थ और तंबाकू क्षेत्र शामिल हैं।

इसका मकसद उन कारोबारों को वित्तीय सहारा देना है, जिन्हें बाहरी आर्थिक परिस्थितियों के कारण नकदी की जरूरत पड़ती है, ताकि उत्पादन, रोजगार और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो।

एयरलाइंस के लिए भी विशेष प्रावधान
ECLGS 5.0 में अनुसूचित यात्री एयरलाइंस को भी शामिल किया गया है। पात्र एयरलाइंस को दिए जाने वाले ऋण के लिए 90 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी उपलब्ध होगी। इनके लिए अतिरिक्त ऋण सहायता की सीमा निर्धारित शर्तों के अधीन 1,500 करोड़ रुपये प्रति उधारकर्ता तक है। एयरलाइंस के लिए ऋण अवधि 7 वर्ष होगी, जिसमें 2 वर्ष की मोरेटोरियम अवधि शामिल है।

योजना की प्रगति भी तेज
ECLGS 5.0 के तहत 20 अगस्त 2026 तक 6,73,979 गारंटियां जारी की जा चुकी थीं। इनकी कुल गारंटीशुदा राशि 2,50,024 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। जारी गारंटियों की संख्या में MSME की हिस्सेदारी 97.3 प्रतिशत और कुल गारंटीशुदा राशि में उनकी हिस्सेदारी 80.79 प्रतिशत रही।

योजना 31 मार्च 2027 तक या 2.55 लाख करोड़ रुपये की गारंटी जारी होने तक लागू रहेगी, जो भी पहले हो। पात्र उधारकर्ता जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से योजना का लाभ उठा सकते हैं।

सरकार का जोर केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर आउटरीच अभियान भी चलाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर ECLGS 5.0 का लक्ष्य कारोबारों को कठिन आर्थिक परिस्थितियों में वित्तीय सहारा देकर उत्पादन, रोजगार और आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखना तथा आर्थिक विकास की गति को बरकरार रखना है।