उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मॉडर्न स्कूल के स्वर्ण जयंती भवन का किया उद्घाटन, शिक्षा पर दिया जोर

Thu 19-Mar-2026,11:14 PM IST +05:30

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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मॉडर्न स्कूल के स्वर्ण जयंती भवन का किया उद्घाटन, शिक्षा पर दिया जोर VicePresident India Event
  • मॉडर्न स्कूल के स्वर्ण जयंती भवन का उद्घाटन.

  • शिक्षा और चरित्र निर्माण पर उपराष्ट्रपति का जोर.

  • विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर बल. 

Delhi / New Delhi :

New Delhi / उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित मॉडर्न स्कूल के स्वर्ण जयंती भवन का उद्घाटन किया। यह अवसर केवल एक भवन के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान के 50 वर्षों के योगदान का उत्सव भी बना। इस मौके पर उन्होंने विद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि पांच दशकों की यह यात्रा शैक्षिक उत्कृष्टता, चरित्र निर्माण और युवा पीढ़ी के समग्र विकास के प्रति संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को कम उम्र से ही सही दिशा देना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है उन्हें जिम्मेदार और सक्षम नागरिक के रूप में तैयार करना। उनके अनुसार, अच्छे नागरिक ही अच्छे समाज का निर्माण करते हैं और एक मजबूत समाज ही महान राष्ट्र की नींव बनता है।

उन्होंने इस नए भवन के निर्माण में पूर्व विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न वर्गों के योगदान की सराहना की। विशेष रूप से उन्होंने उन लोगों का उल्लेख किया, जिन्होंने उदारता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए इस परियोजना को साकार करने में सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सहभागिता सामूहिक प्रगति की संस्कृति को बढ़ावा देती है और समाज को आगे ले जाने में मदद करती है।

उपराष्ट्रपति ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मॉडर्न स्कूल जैसे संस्थान देश के भविष्य को आकार देने में अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि यह लक्ष्य आत्मनिर्भरता, गरिमा और समावेशी विकास पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने उत्तर-पूर्वी भारत में हो रहे तेज विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि संतुलित और व्यापक विकास ही देश को मजबूत बनाएगा।

शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक न केवल ज्ञान देते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र और आत्मविश्वास को भी आकार देते हैं। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें संस्थान की सफलता की असली ताकत बताया।

इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिनमें न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संजय किशन कौल, न्यासी मंडल की अध्यक्ष मीरा प्रदीप सिंह, प्रधानाचार्य विभा खोसला और अन्य सदस्य शामिल थे। विद्यार्थियों, अभिभावकों और पूर्व छात्रों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।