कुवैत ने बंद किया एयरस्पेस, US की चेतावनी
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Middle East Tension
कुवैत ने बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद किया।
अमेरिकी दूतावास ने इराक में नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी।
जॉर्डन में मिसाइल और ड्रोन खतरे के चलते सुरक्षा चेतावनी जारी।
Kuwait / मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव के बीच कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। कुवैत सरकार का कहना है कि यह कदम नागरिकों और हवाई यातायात की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने पुष्टि की है कि देश में आने वाली और यहां से जाने वाली कई उड़ानों का मार्ग बदल दिया गया है। कुछ विमानों को वैकल्पिक हवाई अड्डों की ओर मोड़ा गया, जबकि कई उड़ानें कुवैत के हवाई क्षेत्र के बाहर इंतजार करती रहीं। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक हो गया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय है और संभावित खतरों पर नजर रख रही है। हाल के दिनों में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास भी सुरक्षा संबंधी घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली थी। इन घटनाओं ने सरकार की चिंता और बढ़ा दी है।
इधर, इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए विशेष सुरक्षा सलाह जारी की है। दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने और फिलहाल इराक की यात्रा से बचने को कहा है। दूतावास ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के एयरस्पेस बंद किया जा सकता है, जिससे यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
जॉर्डन में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। वहां स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को घरों और सुरक्षित शेल्टरों में रहने की सलाह दी है। दूतावास के अनुसार, क्षेत्र में मिसाइलों, ड्रोन और रॉकेटों की गतिविधियां देखी गई हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है। नागरिकों से कहा गया है कि वे स्थानीय प्रशासन की घोषणाओं और सुरक्षा अलर्ट पर लगातार नजर रखें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विमानन, व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। खाड़ी क्षेत्र दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल कुवैत, इराक और जॉर्डन समेत कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। दुनिया भर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास स्थिति को शांत कर पाएंगे या फिर यह तनाव और गंभीर रूप लेगा।