कोलकाता के सरकारी भवन में भीषण आग, 4,000 EVM मशीनें और अहम दस्तावेज जलकर खाक

Fri 12-Jun-2026,08:00 PM IST +05:30

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कोलकाता के सरकारी भवन में भीषण आग, 4,000 EVM मशीनें और अहम दस्तावेज जलकर खाक Kolkata Fire
  • अलीपुर के सरकारी भवन में आग से 4,000 ईवीएम नष्ट।

  • कई महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें और दस्तावेज जलकर खाक।

  • पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू की।

West Bengal / Kolkata :

Kolkata / पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित एक बहुमंजिला सरकारी भवन में लगी भीषण आग ने प्रशासन और राजनीतिक हलकों में चिंता बढ़ा दी है। इस आग में करीब 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) नष्ट हो गईं, जबकि बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और फाइलें भी जलकर खाक हो गईं। घटना के बाद आग लगने के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

राज्य के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा राज्यमंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि शुरुआती जांच में यह आग सामान्य नहीं लग रही है। उन्होंने कहा कि आग दूसरी और तीसरी मंजिल पर शुरू हुई थी, लेकिन बाद में सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं मंजिल तक पहुंच गई। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि बीच की मंजिलों को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचाते हुए आग ऊपरी मंजिलों तक कैसे फैल गई। इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

मंत्री ने बताया कि आग में नष्ट हुई ईवीएम मशीनों का उपयोग हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान 10 विधानसभा क्षेत्रों में किया गया था। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये मशीनें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुरक्षित रूप से भवन में रखी गई थीं।

अलीपुर स्थित यह सरकारी भवन दक्षिण 24 परगना जिला परिषद कार्यालय सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों का केंद्र है। बुधवार सुबह लगी आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 15 गाड़ियों को कई घंटों तक लगातार प्रयास करना पड़ा। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गुरुवार सुबह भी कुछ हिस्सों में धुआं और सुलगती आग की आशंका बनी रही। फिलहाल दमकल विभाग द्वारा कूलिंग ऑपरेशन जारी है ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना को रोका जा सके।

घटना के बाद दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) ने अलीपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण अथवा साजिश थी।

फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी जल्द ही घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण करेगी। वैज्ञानिक जांच के लिए नमूने एकत्र किए जाएंगे, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। साथ ही भवन की संरचना, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी रिकॉर्ड को हुए नुकसान का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।

इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि साजिश की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं भाजपा नेता राकेश सिंह ने इसे सुनियोजित घटना बताया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।

फिलहाल पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया है और जांच एजेंसियां हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही हैं। इस आग ने न केवल सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।