महाराष्ट्र में गुटखा माफिया पर सख्ती, गंभीर मामलों में लगेगा मकोका

Fri 12-Jun-2026,08:20 PM IST +05:30

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महाराष्ट्र में गुटखा माफिया पर सख्ती, गंभीर मामलों में लगेगा मकोका Maharashtra Gutkha Ban News
  • गुटखा और तंबाकू तस्करी के गंभीर मामलों में मकोका लागू होगा।

  • उत्पादक, वितरक, परिवहनकर्ता और विक्रेताओं पर संयुक्त कार्रवाई।

  • एफडीए और पुलिस मिलकर संगठित नेटवर्क की जांच करेंगे।

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Mumbai / महाराष्ट्र सरकार ने प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू और निकोटीन युक्त पान मसाला जैसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे गंभीर मामलों में, जहां संगठित अपराध के तहत अवैध व्यापार किया जा रहा है, वहां महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) 1999 लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

राज्य में इन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पहले से प्रतिबंध है। इसके बावजूद कई स्थानों पर संगठित गिरोहों द्वारा बड़े पैमाने पर यह अवैध कारोबार जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यह केवल छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा नेटवर्क सक्रिय रहता है, जिसमें निर्माता, वितरक, परिवहनकर्ता, गोदाम संचालक, थोक व्यापारी और खुदरा विक्रेता शामिल होते हैं।

एफडीए की जांच में सामने आया है कि कई मामलों में नकली दस्तावेजों, बेनामी लेनदेन, गुप्त गोदामों और अंतरराज्यीय आपूर्ति श्रृंखला के जरिए प्रतिबंधित उत्पादों का कारोबार किया जा रहा है। यही कारण है कि अब केवल खुदरा विक्रेताओं पर कार्रवाई करने के बजाय पूरे नेटवर्क को निशाने पर लेने का निर्णय लिया गया है।

मकोका कानून के तहत यदि कोई अपराध तीन वर्ष या उससे अधिक की सजा योग्य हो, पिछले दस वर्षों में आरोपी के खिलाफ एक से अधिक आरोपपत्र दाखिल किए गए हों और अपराध आर्थिक लाभ के लिए संगठित तरीके से किया गया हो, तो ऐसे मामलों में मकोका लगाया जा सकता है। इसी आधार पर प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों की समीक्षा की जा रही है।

एफडीए ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि संभावित मकोका पात्र मामलों की अलग से सूची तैयार की जाए। साथ ही पुलिस और एफडीए के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई की जाए। राज्य स्तर पर भी इन मामलों की नियमित निगरानी और समीक्षा की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि मकोका लागू होने के बाद आरोपियों के लिए जमानत प्राप्त करना आसान नहीं होगा। इस कानून के तहत जमानत के लिए कड़ी शर्तों का पालन करना पड़ता है। इसलिए सरकारी वकीलों, पुलिस और एफडीए अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अदालत में मजबूत पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।

एफडीए ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि कहीं गुटखा, तंबाकू, निकोटीन युक्त पान मसाला या अन्य प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण, परिवहन या बिक्री होती दिखाई दे, तो इसकी जानकारी तुरंत स्थानीय एफडीए कार्यालय या पुलिस को देने का आग्रह किया गया है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून का पालन करने वाले व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य केवल उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है जो आर्थिक लाभ के लिए लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। राज्य सरकार अब प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के अवैध व्यापार को केवल नियमों के उल्लंघन के रूप में नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के खिलाफ एक गंभीर संगठित अपराध मानकर उससे सख्ती से निपटने की तैयारी कर रही है।