असम के जोरहाट एयरबेस पर AN-32 विमान हादसा, लैंडिंग के दौरान क्रैश होने से मचा हड़कंप

Sat 13-Jun-2026,12:47 PM IST +05:30

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असम के जोरहाट एयरबेस पर AN-32 विमान हादसा, लैंडिंग के दौरान क्रैश होने से मचा हड़कंप Assam AN32 Crash
  • जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त।

  • हादसे के बाद विमान में लगी आग, जांच के आदेश।

  • दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित।

Assam / Jorhat :

Jorhat / असम के जोरहाट में शनिवार को भारतीय वायुसेना के एक AN-32 परिवहन विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आई है। यह हादसा उस समय हुआ जब विमान जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के दौरान विमान में अचानक आग लग गई और कुछ ही क्षणों में वह गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विमान से घना धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं, जिसके बाद वह दो हिस्सों में टूट गया।

घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही भारतीय वायुसेना की आपातकालीन टीमें, दमकल कर्मी और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। आग पर काबू पाने और राहत कार्य शुरू करने के लिए तत्काल कार्रवाई की गई। हालांकि हादसे में कितने लोग सवार थे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। कुछ रिपोर्टों में पायलट के मारे जाने की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

भारतीय वायुसेना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान AN-32 कार्गो एयरक्राफ्ट था, जिसका उपयोग सैनिकों और सैन्य सामग्री के परिवहन के लिए किया जाता है। वायुसेना ने कहा है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (जांच समिति) गठित की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य कारण से हुई।

जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पूर्वोत्तर भारत में भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यह एयरबेस असम सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में रणनीतिक और सैन्य अभियानों के लिए अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस दुर्घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है।

AN-32 विमान का इतिहास भी कई बड़ी दुर्घटनाओं से जुड़ा रहा है। जुलाई 2016 में एक AN-32 विमान चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जाते समय बंगाल की खाड़ी के ऊपर लापता हो गया था, जिसमें सवार सभी 29 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद जून 2019 में एक अन्य AN-32 विमान असम के जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के मेचुका जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 13 सैन्यकर्मियों की जान चली गई थी। वहीं मार्च 2025 में पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट पर AN-32 की क्रैश लैंडिंग हुई थी, लेकिन उस घटना में सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बच गए थे।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने AN-32 विमानों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पूरे देश की नजरें जोरहाट हादसे की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।