भारतीय नौसेना ने तेल टैंकर से बिना फटे मिसाइल वॉरहेड को सुरक्षित निकाला, टला बड़ा हादसा

Thu 11-Jun-2026,11:46 PM IST +05:30

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भारतीय नौसेना ने तेल टैंकर से बिना फटे मिसाइल वॉरहेड को सुरक्षित निकाला, टला बड़ा हादसा Indian Navy
  • भारतीय नौसेना ने तेल टैंकर से बिना फटा मिसाइल वॉरहेड सुरक्षित निकाला।

  • EOD टीम ने उन्नत तकनीक से विस्फोटक को निष्क्रिय किया।

  • अभियान ने नौसेना की समुद्री सुरक्षा क्षमता को साबित किया।

Delhi / Delhi :

Delhi / भारतीय नौसेना ने एक बेहद जटिल और उच्च जोखिम वाले अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए कच्चे तेल के टैंकर ‘एमटी ओलंपिक लाइफ’ से बिना फटे मिसाइल वॉरहेड को सुरक्षित रूप से निकाल लिया है। इस अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समुद्री सुरक्षा और आपात परिस्थितियों से निपटने में भारतीय नौसेना दुनिया की सबसे सक्षम नौसैनिक शक्तियों में से एक है।

मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले इस तेल टैंकर में कोई भारतीय नागरिक सवार नहीं था। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह से कोच्चि की ओर जा रहा था। इसी दौरान 26 मई 2026 को ओमान के तट के पास जहाज के ढांचे में विस्फोट जैसी घटना की जानकारी सामने आई। बाद में पता चला कि जहाज के भीतर एक बिना फटा मिसाइल वॉरहेड मौजूद है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था।

जैसे ही इस संबंध में सूचना इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर–इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) को मिली, भारतीय नौसेना तुरंत सक्रिय हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान ने विस्फोटक सामग्री को निष्क्रिय करने में विशेषज्ञ एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल (EOD) टीम को तैनात किया।

जांच के दौरान विशेषज्ञों ने पाया कि एक प्रोजेक्टाइल जहाज के बाहरी ढांचे को भेदते हुए कई महत्वपूर्ण हिस्सों से गुजरकर अंततः ईंधन टैंक के भीतर फंस गया था। यह स्थिति बेहद खतरनाक थी, क्योंकि तेल से भरे टैंकर में किसी भी प्रकार का विस्फोट न केवल जहाज को तबाह कर सकता था, बल्कि चालक दल और आसपास के समुद्री क्षेत्र के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता था।

ईओडी टीम ने पूरी सावधानी और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए चरणबद्ध तरीके से अभियान शुरू किया। उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीकों की सहायता से पहले वॉरहेड के विस्फोटक तंत्र की पहचान की गई। इसके बाद विशेषज्ञों ने उसे सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया और फिर मिसाइल वॉरहेड तथा उससे जुड़े मलबे को सुरक्षित तरीके से जहाज से बाहर निकाल लिया।

नौसेना के अनुसार, बरामद किए गए गोला-बारूद को आगे की विस्तृत जांच और सुरक्षा के लिए एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। पूरे अभियान के दौरान जहाज, चालक दल और बंदरगाह से जुड़े ढांचों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

यह अभियान केवल एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना की पेशेवर क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का भी उदाहरण है। इतने संवेदनशील माहौल में बिना किसी नुकसान के मिशन को पूरा करना नौसेना की विशेषज्ञता को दर्शाता है।

भारतीय नौसेना ने एक बार फिर साबित किया है कि वह केवल भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक समुद्री सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। चाहे जहाज किसी भी देश का हो या चालक दल किसी भी राष्ट्रीयता का, समुद्र में संकट की स्थिति में भारतीय नौसेना हमेशा एक जिम्मेदार और भरोसेमंद सुरक्षा साझेदार के रूप में सामने आती है।