अहमदाबाद मेट्रो फेज 2A को कैबिनेट की मंजूरी, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी समेत 5 नए स्टेशन बनेंगे
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Ahmedabad Metro
अहमदाबाद मेट्रो फेज 2A को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी।
6.032 किमी कॉरिडोर में 5 नए स्टेशन और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी।
ट्रैफिक कम होगा, रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा।
Ahmedabad / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के चरण 2(ए) को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ अहमदाबाद के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नई परियोजना से शहर के प्रमुख क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और यात्रियों को आधुनिक, तेज तथा सुविधाजनक परिवहन का लाभ मिलेगा।
मेट्रो परियोजना के इस नए चरण में लगभग 6.032 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें कुल पांच स्टेशन शामिल होंगे। इनमें चार एलिवेटेड और एक अंडरग्राउंड स्टेशन होगा। आश्रम रोड, कोटेश्वर प्राचीन मंदिर, साबरमती नदी, सरदार नगर और एयरपोर्ट इस कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशन होंगे। इस विस्तार के बाद अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 77.63 किलोमीटर हो जाएगी।
करीब 2,169.04 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ शहर के हवाई अड्डे तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी के रूप में सामने आएगा। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही शहर के कई ऐसे आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र भी मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे, जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना केवल परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के आर्थिक विकास को भी नई गति देगी। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनलों तक आसान पहुंच से लोगों का समय बचेगा और उत्पादकता में वृद्धि होगी। मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यापारिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू पर्यावरण संरक्षण भी है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सामाजिक दृष्टि से भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। बेहतर सार्वजनिक परिवहन से विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों के लोगों को समान रूप से लाभ मिलेगा। आवागमन का समय कम होने से लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी।
इसके अलावा, निर्माण कार्य के दौरान लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि परियोजना के संचालन और रखरखाव के दौरान करीब 500 लोगों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
अहमदाबाद मेट्रो का चरण 2(ए) शहर के विकास, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और सतत शहरीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।