दिल्ली में बिजली महंगी होने की तैयारी, 500 यूनिट से ज्यादा खपत वालों पर बढ़ेगा बोझ

Sat 13-Jun-2026,01:15 PM IST +05:30

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दिल्ली में बिजली महंगी होने की तैयारी, 500 यूनिट से ज्यादा खपत वालों पर बढ़ेगा बोझ Delhi Electricity Bill
  • 500 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वालों के बिल बढ़ सकते हैं।

  • DERC ने डिस्कॉम को अतिरिक्त FPPAS और PPAC शुल्क लगाने की मंजूरी दी।

  • सब्सिडी पाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिलेगी।

Delhi / Delhi :

Delhi / दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही बढ़े हुए बिजली बिल का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने राजधानी की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद कुछ श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 1 प्रतिशत से लेकर 3.30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से उन उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी जो 500 यूनिट से अधिक बिजली का उपयोग करते हैं। इसके अलावा व्यावसायिक, औद्योगिक और गैर-सब्सिडी वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। दूसरी ओर, दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना का लाभ लेने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

DERC ने अप्रैल 2026 के लिए बिजली कंपनियों को 16 से 18 प्रतिशत तक मासिक पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) शुल्क लगाने की अनुमति दी है। हालांकि इस अतिरिक्त शुल्क का असर सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से नहीं पड़ेगा। जिन परिवारों की बिजली खपत 0 से 200 यूनिट या 200 से 400 यूनिट के बीच रहती है और जो सब्सिडी योजना के दायरे में आते हैं, उन्हें फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

अधिकारियों के मुताबिक, वैश्विक ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की बढ़ती कीमतों के कारण बिजली उत्पादन और खरीद की लागत में लगातार वृद्धि हुई है। इसी वजह से बिजली वितरण कंपनियों ने बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए अतिरिक्त सरचार्ज लगाने की मांग की थी। आयोग ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी है कि बिजली बिल पर लगाए जाने वाले 10 प्रतिशत सरचार्ज की सीमा (कैप) को हटा दिया गया है। इससे भविष्य में गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं के बिलों पर और अधिक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक बिजली खपत करने वाले परिवारों और व्यवसायों को आने वाले महीनों में बढ़े हुए बिलों के लिए तैयार रहना चाहिए।

दिल्ली सरकार की पूर्ण या 50 प्रतिशत बिजली सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की बात है। उनके बिजली बिलों में इस फैसले के कारण कोई अतिरिक्त वृद्धि नहीं होगी। यही वजह है कि कम और मध्यम बिजली खपत वाले अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती बिजली मांग, महंगा ईंधन और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण आने वाले समय में बिजली कंपनियों की लागत और बढ़ सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को ऊर्जा बचत के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।

फिलहाल दिल्ली के लाखों उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर टिकी है कि बढ़ा हुआ सरचार्ज उनके मासिक बिजली बिल को कितना प्रभावित करेगा। विशेष रूप से वे उपभोक्ता जो सब्सिडी के दायरे से बाहर हैं और जिनकी मासिक खपत 500 यूनिट से अधिक है, उन्हें आने वाले बिलों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।