World Meditation Day | ध्यान: आंतरिक शांति से वैश्विक संतुलन तक

Sun 21-Dec-2025,01:00 AM IST +05:30

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World Meditation Day | ध्यान: आंतरिक शांति से वैश्विक संतुलन तक World Meditation Day
  • ध्यान तनाव, चिंता और नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है।

  • आंतरिक शांति से सामूहिक कल्याण और वैश्विक संतुलन संभव है।

  • विश्व ध्यान दिवस मानसिक स्वास्थ्य और सतत विकास लक्ष्यों को समर्थन देता है।

Maharashtra / Nagpur :

AGCNN / विश्व ध्यान दिवस, जो हर वर्ष 21 दिसंबर को मनाया जाता है, 2024 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्थापित किया गया। इसका उद्देश्य ध्यान के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, आंतरिक शांति को प्रोत्साहित करना और वैश्विक समरसता को मजबूत करना है। यह दिन विशेष रूप से सर्दियों के संक्रांति यानी विंटर सोल्स्टाइस से जुड़ा है और ध्यान की प्राचीन भारतीय परंपरा के महत्व को उजागर करता है।

ध्यान एक प्राचीन अभ्यास है, जिसमें व्यक्ति अपने मन को वर्तमान क्षण पर केंद्रित करता है। धार्मिक, योगिक और सांसारिक परंपराओं में यह हजारों वर्षों से प्रचलित है। आधुनिक युग में ध्यान का प्रयोग मानसिक स्वास्थ्य, तनाव कम करने, ध्यान केंद्रित करने, भावनात्मक संतुलन और नींद सुधारने के लिए व्यापक रूप से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, यह उच्च रक्तचाप नियंत्रित करने और शारीरिक दर्द कम करने में भी सहायक है।

ध्यान का महत्व और वैश्विक प्रभाव
आज ध्यान तकनीक की मदद से कहीं भी और कभी भी किया जा सकता है। मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म इसे सहज बनाते हैं। ध्यान केवल व्यक्तिगत लाभ नहीं देता, बल्कि यह सहानुभूति, सहयोग और साझा उद्देश्य की भावना को भी बढ़ावा देता है, जिससे सामूहिक कल्याण सुनिश्चित होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने माइंडफुलनेस और योग के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य में ध्यान की भूमिका को मान्यता दी है। WHO के अनुसार, ध्यान चिंता और तनाव प्रबंधन के लिए शक्तिशाली स्व-देखभाल उपकरण है।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में ध्यान कक्ष इसका प्रतीक है। 1952 में सचिव-जनरल डैग हम्मर्स्क्ज़ोल्ड के मार्गदर्शन में यह कक्ष खोला गया, जो शांत ध्यान और आत्मनिरीक्षण की अनिवार्य भूमिका को दर्शाता है। हम्मर्स्क्ज़ोल्ड ने कहा कि यह स्थान “बाहरी शांति और आंतरिक स्थिरता” के लिए समर्पित होना चाहिए।

भारत की भूमिका और वैश्विक सहयोग
भारत ने इस पहल को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाया। भारतीय संस्कृति में ध्यान का महत्व हजारों वर्षों से रहा है और यह आत्मिक विकास, मानसिक शांति और स्थायी स्वास्थ्य का मूल आधार है। विश्व ध्यान दिवस के माध्यम से सभी देशों को यह संदेश दिया जाता है कि आंतरिक शांति से ही समाज और विश्व में स्थायी समरसता लाई जा सकती है।

वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों—सशस्त्र संघर्ष, जलवायु संकट और तेज़ तकनीकी बदलाव—को देखते हुए ध्यान शांति, एकता और करुणा की भावना पैदा करने का एक शक्तिशाली साधन है। यह अभ्यास केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक और वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव लाता है।

स्वास्थ्य और सतत विकास में योगदान
ध्यान और योग मानसिक स्वास्थ्य के अधिकार और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से भी जुड़े हैं। 2030 एजेंडा के तहत लक्ष्य 3 “अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण” सभी उम्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करना चाहता है। ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य के अभ्यास से चिंता और तनाव कम होते हैं, स्वास्थ्य inequities में कमी आती है, और सभी के लिए समावेशी और लचीला समाज बनता है।

विश्व ध्यान दिवस हमें यह याद दिलाता है कि आंतरिक शांति और आत्मनिरीक्षण के माध्यम से हम व्यक्तिगत, सामुदायिक और वैश्विक स्तर पर स्थायी शांति और संतुलन ला सकते हैं। ध्यान का अभ्यास न केवल मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करता है, बल्कि यह एक साझा विश्व कल्याण और स्थायित्व की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।