शराब घोटाला केस: चैतन्य बघेल की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Tue 10-Feb-2026,01:10 PM IST +05:30

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शराब घोटाला केस: चैतन्य बघेल की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई Chhattisgarh-Liquor-Scam-Chaitanya-Baghel-Bail-Supreme-Court
  • सुप्रीम कोर्ट में चैतन्य बघेल की जमानत पर सुनवाई, राज्य सरकार ने जांच प्रभावित होने की आशंका जताई

  • ED का दावा, शराब घोटाले में 1000 करोड़ के लेन-देन में चैतन्य बघेल की अहम भूमिका

  • अदालत ने जमानत पर अंतिम निर्णय से पहले एक सप्ताह बाद अगली सुनवाई तय की

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मामले में चैतन्य बघेल को मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर कानूनी बहस तेज हो गई है। सोमवार को शीर्ष अदालत में राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें जमानत से जांच प्रभावित होने की आशंका जताई गई। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फिलहाल कोई अंतिम फैसला न लेते हुए मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद तय की है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की। इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारिया भी शामिल रहे। राज्य सरकार ने चैतन्य बघेल को दी गई जमानत पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे जांच प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने अदालत को बताया कि जमानत मिलने के बाद मामले से जुड़ा एक अहम गवाह सामने नहीं आ रहा है, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी की भूमिका गंभीर है और जमानत आदेश पर पुनर्विचार आवश्यक है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच कथित शराब घोटाले के कारण राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ। एजेंसी का दावा है कि इस अवधि में एक संगठित शराब सिंडिकेट को अवैध लाभ पहुंचाया गया।

ED के अनुसार, चैतन्य बघेल इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी रहे हैं और उन्होंने करीब 1000 करोड़ रुपये के लेन-देन का प्रबंधन किया। वहीं एसीबी और ईओडब्ल्यू का कहना है कि घोटाले की कुल राशि 3500 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती है और मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले में अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद तय की है। अब सबकी नजरें अगली तारीख पर हैं, जहां जमानत को लेकर अदालत का रुख और स्पष्ट हो सकता है।