भारत में गुणवत्ता प्रमाणन होगा डिजिटल

Mon 09-Feb-2026,05:37 PM IST +05:30

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भारत में गुणवत्ता प्रमाणन होगा डिजिटल Satya-Portal-Digital-Quality-Certification-India
  • स्टार्टअप, एमएसएमई और उद्योगों को तेज प्रमाणन, कम प्रक्रियात्मक बोझ और बेहतर अनुपालन सुविधा मिलेगी।

  • डिजिटल इंडिया और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लक्ष्य को मजबूती देने वाली महत्वपूर्ण सरकारी पहल।

Delhi / Delhi :

Delhi/ डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए भारत सरकार ने मानकीकरण, परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन की प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की पहल की है। इसी कड़ी में वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने “मानकीकरण परीक्षण एवं गुणवत्ता प्रमाणन लैब ऑटोमेशन पोर्टल-सत्या” का उद्घाटन किया। यह पोर्टल पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, मानकीकरण परीक्षण एवं गुणवत्ता प्रमाणन (STQC) तथा सी-डैक (C-DAC) के अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर श्री जितिन प्रसाद ने कहा कि आज के डिजिटल युग में शासन केवल नीतियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सुगमता, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों के विश्वास से जुड़ा हुआ है। “सत्या” पोर्टल का शुभारंभ इसी सोच का परिणाम है, जो नागरिकों और उद्योगों को एक आधुनिक, सरल और भरोसेमंद डिजिटल मंच प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि मानकीकरण परीक्षण एवं गुणवत्ता प्रमाणन निदेशालय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी उत्पादों एवं सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है। अब इस नए पोर्टल के माध्यम से प्रमाणन, परीक्षण और संबंधित सेवाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।

उद्योगों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए यह पोर्टल विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा। प्रमाणन प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से प्रक्रियात्मक जटिलताएं कम होंगी और उत्पादों को तेजी से बाजार में उतारने में सहायता मिलेगी। साथ ही सरकारी विभागों और नागरिकों को भी प्रमाणन से जुड़ी सेवाओं में पारदर्शिता और पूर्वानुमान की सुविधा मिलेगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन ने कहा कि “सत्या” पोर्टल पूरी तरह डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से सेवा वितरण को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि इस पहल से पारदर्शिता, दक्षता और भरोसे में वृद्धि होगी, साथ ही गुणवत्ता प्रमाणन सेवाएं सभी हितधारकों के लिए अधिक सुलभ बनेंगी।

श्री जितिन प्रसाद ने साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और उत्पाद गुणवत्ता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि “सत्या” जैसे प्लेटफॉर्म एक मजबूत और विश्वसनीय डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण में योगदान देते हैं, जिससे भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी और विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने मानकीकरण परीक्षण एवं गुणवत्ता प्रमाणन टीम, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों, सी-डैक और सभी तकनीकी साझेदारों को इस पोर्टल की परिकल्पना और सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई दी। उन्होंने नागरिकों, उद्योगों, स्टार्टअप्स और सरकारी संगठनों से “सत्या” पोर्टल का सक्रिय उपयोग करने और निरंतर सुधार के लिए सुझाव देने का आह्वान किया।