ईरान-इजरायल जंग में अमेरिका को झटका, 200 सैनिक घायल
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ईरान-इजरायल संघर्ष के तीसरे हफ्ते में अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान हुआ, जिसमें 200 सैनिक घायल और 13 की मौत की पुष्टि हुई।
कुवैत, सऊदी अरब और इराक सहित कई देशों में तैनात अमेरिकी ठिकानों पर हमले से युद्ध का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।
मिडिल ईस्ट/ ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इस बीच अमेरिकी सेना को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सैन्य कमान यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरानी हमलों में अब तक करीब 200 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, जबकि 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है।
CENTCOM ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि घायल सैनिकों में से अधिकांश को मामूली चोटें आई हैं और लगभग 180 सैनिक इलाज के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं। हालांकि, करीब 10 सैनिकों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित सैनिक कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, बहरीन, इराक और इजरायल जैसे देशों में तैनात थे। इन क्षेत्रों में ईरान लगातार अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, जिससे हमलों की तीव्रता और दायरा दोनों बढ़ गए हैं।
संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी से मानी जा रही है, जिसके बाद से ईरान ने न केवल सैन्य ठिकानों, बल्कि राजनयिक मिशनों, होटलों और एयरपोर्ट जैसे नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इसके अलावा, अरब खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की है कि इस संघर्ष के दौरान करीब एक दर्जन MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हो चुके हैं। ये ड्रोन अमेरिकी सेना के अत्याधुनिक मानवरहित हवाई वाहन हैं, जो लंबी अवधि तक निगरानी और हमले के लिए उपयोग किए जाते हैं।
रॉयटर्स की पिछली रिपोर्ट के अनुसार, पहले 150 सैनिकों के घायल होने की जानकारी थी, जो अब बढ़कर 200 तक पहुंच गई है। वहीं अमेरिका द्वारा ईरान के अंदर कई ठिकानों पर जवाबी हमले किए जाने की भी खबर है। लगातार बढ़ते सैन्य हमलों और नुकसान के कारण यह संघर्ष अब बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता दिख रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है।