ईरान-अमेरिका बातचीत निलंबित: लेबनान तनाव के बीच पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा बढ़ा
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US Iran Talks
ईरान ने अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता रोकी.
इजरायल-लेबनान तनाव से बढ़ा क्षेत्रीय संकट.
पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका गहराई.
Tehran / ईरान और अमेरिका के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत के अचानक निलंबन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ चल रहे संदेशों के आदान-प्रदान को रोक दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव काफी बढ़ा हुआ है और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ईरान के इस फैसले के पीछे मुख्य वजह इजरायल द्वारा लेबनान में लगातार किए जा रहे हमलों को बताया जा रहा है। ईरानी पक्ष का कहना है कि लेबनान में संघर्षविराम का बार-बार उल्लंघन किया जा रहा है, जिसे वे पूरे क्षेत्रीय समझौते का उल्लंघन मानते हैं। इसी कारण ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत और संदेश आदान-प्रदान को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी सोशल मीडिया पर बयान देते हुए इजरायल के हमलों पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि किसी भी मोर्चे पर संघर्षविराम का उल्लंघन पूरे समझौते को प्रभावित करता है। उनके बयान के कुछ ही घंटों बाद बातचीत रुकने की आधिकारिक जानकारी सामने आई।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्र में युद्ध के खतरे को बढ़ा दिया है। अमेरिका और इजरायल पहले ही ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं, जबकि ईरान भी किसी भी संभावित हमले के लिए तैयार रहने की बात कह चुका है। 8 अप्रैल को हुए अस्थायी संघर्षविराम के बाद उम्मीद की जा रही थी कि बातचीत से तनाव कम होगा, लेकिन ताजा घटनाओं ने हालात को फिर से अनिश्चित बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक बातचीत दोबारा शुरू नहीं हुई तो पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा पर भी पड़ेगा।