महाराष्ट्र MLC चुनाव 2026: महायुति की बड़ी बढ़त, 6 सीटें निर्विरोध जीतीं, 18 जून को मतदान

Thu 04-Jun-2026,10:51 PM IST +05:30

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महाराष्ट्र MLC चुनाव 2026: महायुति की बड़ी बढ़त, 6 सीटें निर्विरोध जीतीं, 18 जून को मतदान Maharashtra MLC Election
  • महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति की बढ़त. 

  • 6 सीटें निर्विरोध जीतकर मजबूत स्थिति. 

  • 18 जून को बाकी सीटों पर मतदान. 

Maharashtra / Mumbai :

Mumbai / महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा चुनावी घटनाक्रम सामने आया है, जहां विधान परिषद (MLC) की 17 खाली सीटों को भरने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस पूरे चुनावी समीकरण में महायुति गठबंधन ने शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है, जबकि विपक्षी गठबंधन MVA को बड़ा झटका लगा है।

जानकारी के अनुसार, 17 सीटों में से 6 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार बिना किसी मुकाबले के ही विजयी घोषित हो गए हैं। इसका कारण यह रहा कि विपक्षी उम्मीदवारों ने अंतिम तारीख तक अपने नाम वापस ले लिए। इन सीटों में ठाणे, रायगड-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, पुणे, चंद्रपुर-वर्धा-गड़चिरोली, यवतमाल और अहिल्यानगर शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण पहले से ही महायुति के पक्ष में माने जा रहे थे, लेकिन विपक्षी उम्मीदवारों के हटने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो गई। अब बाकी 11 सीटों पर 18 जून को मतदान होना है, जहां मुकाबला अपेक्षाकृत दिलचस्प रहने की संभावना है।

महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (BJP), एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। वहीं, विपक्षी महा विकास आघाड़ी (MVA) में उद्धव ठाकरे की शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार की NCP शामिल हैं।

नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया, उसने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। MVA के 6 उम्मीदवारों के हटने से महायुति को सीधा फायदा मिला और कई सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल हुई। दूसरी ओर, कुछ सीटों पर महायुति के भीतर ही बगावत के संकेत भी देखने को मिले हैं, जिससे नासिक और जलगांव की सीटें चुनौतीपूर्ण बन गई हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिवसेना (उद्धव गुट) के संजय राउत ने इसे “मनी मार्केट चुनाव” करार दिया है और आरोप लगाया है कि पैसे के दम पर उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी आरोप लगाया कि महायुति “पैसा फेंको, तमाशा देखो” की राजनीति कर रही है। हालांकि, महायुति ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

चुनाव प्रणाली के अनुसार, विधान परिषद चुनाव में आम जनता वोट नहीं देती, बल्कि विधायक मतदान करते हैं। चूंकि महाराष्ट्र विधानसभा में महायुति के पास बहुमत है, इसलिए बाकी 11 सीटों पर भी उसका पलड़ा भारी माना जा रहा है।

अब सभी की नजर 18 जून को होने वाले मतदान पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि क्या महायुति अपनी बढ़त और मजबूत करेगी या विपक्ष कुछ सीटों पर वापसी कर पाएगा।