Delhi Private University Bill: दिल्ली में खुलेंगी प्राइवेट यूनिवर्सिटी, सरकार लाएगी नया कानून
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Delhi Private University Bill
दिल्ली सरकार विधानसभा में प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल पेश करने की तैयारी में।
नए कानून से निजी विश्वविद्यालयों को मिलेगा स्पष्ट वैधानिक ढांचा।
उच्च शिक्षा, अनुसंधान और शैक्षणिक निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।
New Delhi / राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जल्द ही निजी विश्वविद्यालयों (Private Universities) का रास्ता साफ हो सकता है। दिल्ली सरकार आगामी विधानसभा सत्र में प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल पेश करने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य दिल्ली में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए स्पष्ट और वैधानिक ढांचा तैयार करना है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो राजधानी के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली में निजी विश्वविद्यालयों के गठन के लिए कोई अलग कानूनी व्यवस्था मौजूद नहीं है। इसी कारण निजी शिक्षण संस्थानों को या तो गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से संबद्ध कॉलेज के रूप में कार्य करना पड़ता है या फिर 'डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी' का दर्जा लेकर संचालन करना होता है। प्रस्तावित कानून इस व्यवस्था में बदलाव लाकर निजी संस्थानों को स्वतंत्र विश्वविद्यालय बनने का वैधानिक अवसर प्रदान करेगा।
रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली सरकार का मानना है कि नए कानून से निजी क्षेत्र में उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान सुविधाओं और शैक्षणिक निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य देश और विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों को दिल्ली में निवेश के लिए आकर्षित करना भी है।
भारत में सभी विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों के अनुसार संचालित होते हैं। हालांकि किसी भी विश्वविद्यालय की स्थापना संसद के अधिनियम, राज्य विधानमंडल के अधिनियम या फिर यूजीसी द्वारा प्रदत्त डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी के दर्जे के आधार पर ही की जा सकती है। इसी वजह से दिल्ली में अब तक निजी विश्वविद्यालयों के लिए अलग कानूनी व्यवस्था का अभाव महसूस किया जाता रहा है।
वर्तमान में दिल्ली में कई प्रतिष्ठित संस्थान डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी के रूप में कार्य कर रहे हैं। इनमें टेरी स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज (TERI SAS), जामिया हमदर्द तथा एनसीईआरटी जैसे संस्थान शामिल हैं। वहीं अनेक निजी कॉलेज गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध होकर शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल विधानसभा से पारित हो जाता है, तो दिल्ली में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता आसान होगा। इससे विद्यार्थियों को अधिक विकल्प मिलेंगे, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश, रोजगार और वैश्विक स्तर के शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी भी बढ़ने की संभावना है। अब सभी की निगाहें आगामी विधानसभा सत्र पर टिकी हैं, जहां इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा और निर्णय होने की उम्मीद है।