वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आज, अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने पर नजरें
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Nirmala Sitharaman Press Conference
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तीसरी बड़ी इकोनॉमी प्रेस कॉन्फ्रेंस.
नए राहत पैकेज और नीतिगत सुधारों की संभावना.
उद्योग, बाजार और आम जनता के लिए अहम संकेत.
Delhi / देश की अर्थव्यवस्था को लेकर जारी बहस, विपक्ष के लगातार हमलों और बाजार की चिंता के बीच केंद्र सरकार एक बार फिर बड़े ऐलानों की तैयारी में है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को दिल्ली स्थित नेशनल मीडिया सेंटर में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रही हैं। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के मुताबिक यह प्रेस वार्ता दोपहर 2:30 बजे होगी, जिसमें अर्थव्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा संभव है। ऐसे समय में यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बेहद अहम मानी जा रही है, जब देश आर्थिक सुस्ती, घटती मांग और रोजगार को लेकर सवालों का सामना कर रहा है।
सूत्रों की मानें तो सरकार इस बार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए राहत पैकेज, नीतिगत सुधार और कुछ सेक्टर-विशेष प्रोत्साहन योजनाओं का ऐलान कर सकती है। खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट और एमएसएमई सेक्टर पर सरकार का फोकस रहने की संभावना है। ये वे क्षेत्र हैं, जो हाल के महीनों में मांग में गिरावट और निवेश की कमी से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं। माना जा रहा है कि सरकार इन सेक्टर्स को दोबारा रफ्तार देने के लिए टैक्स राहत, सस्ती फाइनेंसिंग या अन्य प्रोत्साहन उपायों की घोषणा कर सकती है।
गौरतलब है कि बीते एक महीने में यह तीसरी बार होगा जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सीधे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अर्थव्यवस्था को लेकर देश को संबोधित करेंगी। इससे पहले 30 अगस्त को हुई प्रेस वार्ता में उन्होंने बैंकिंग सेक्टर में बड़े सुधारों की घोषणा की थी। उस दौरान 10 सरकारी बैंकों के विलय का ऐलान किया गया था, जिन्हें मिलाकर चार बड़े बैंक बनाए गए। सरकार ने इसे बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने और कर्ज वितरण की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया था।
इसके अलावा 23 अगस्त को भी वित्त मंत्री ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कॉरपोरेट टैक्स में बड़ी कटौती, निवेश को बढ़ावा देने और उद्योगों को राहत देने वाले कई फैसलों की जानकारी दी थी। इन घोषणाओं का मकसद निवेशकों का भरोसा लौटाना और आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाना था। हालांकि, इन उपायों के बावजूद अर्थव्यवस्था में अपेक्षित तेजी अभी तक पूरी तरह देखने को नहीं मिली है।
यही वजह है कि शनिवार की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सरकार के लिए काफी अहम मानी जा रही है। आर्थिक विशेषज्ञ, उद्योग जगत और आम लोग सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस बार कौन से ठोस कदम उठाती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वित्त मंत्री के ऐलान बाजारों में भरोसा पैदा कर पाते हैं या नहीं, और क्या आम जनता को इससे कोई सीधी राहत मिलती है। आने वाले समय में इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के फैसले देश की आर्थिक दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।