छतरपुर गैंगरेप मामला: 7 दिन तक दरिंदगी का आरोप
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छतरपुर के चंदला क्षेत्र में युवती से सात दिन तक सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर आरोप, तीन महीने बाद भी FIR दर्ज नहीं।
धमकियों से डरे परिवार को गांव छोड़ना पड़ा, न्याय के लिए अब भी संघर्ष जारी।
Madhya Pradesh/ छतरपुर जिले के चंदला थाना क्षेत्र अंतर्गत बछौन चौकी के ग्राम बिलहरी में सामने आए इस मामले ने कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित युवती के पिता के अनुसार, 26 अक्टूबर को गांव का ही एक शादीशुदा युवक उनकी बेटी को शादी का झांसा देकर घर से ले गया। इसके बाद युवती को करतल–नरैनी के जंगलों में ले जाकर तीन अन्य युवकों के साथ मिलकर लगातार सात दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
परिजनों का आरोप है कि 31 अक्टूबर को सामाजिक दबाव बनाकर युवती का जबरन विवाह समाज के ही एक युवक से करा दिया गया। घर लौटने के बाद युवती ने पूरी आपबीती परिजनों को बताई। इसके बाद जब परिवार ने पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की, तो आरोपियों की ओर से युवती की मां और भाभी को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने की धमकी दी गई।
लगातार मिल रही धमकियों से भयभीत होकर पीड़ित परिवार को अपना गांव छोड़कर लवकुशनगर में शरण लेनी पड़ी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बछौन चौकी, चंदला थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक लिखित शिकायतें दीं, लेकिन आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले में भाजपा के एक मंडल स्तर के पदाधिकारी का दबाव है और समझौते के लिए कहा जा रहा है। युवती के भाई ने बताया कि घटना के दौरान उसकी बहन ने फोन कर रोते हुए कहा था “भैया मुझे बचा लो, मेरे साथ रोज ज्यादती हो रही है।” इसके बाद अजयगढ़ थाना क्षेत्र की हनुमतपुर चौकी पुलिस की मदद से युवती को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया गया।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के बाद मनमाने ढंग से युवती की दस्तयाबी दिखा दी और न तो उसकी काउंसलिंग कराई गई, न ही धारा 164 के तहत न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए। वहीं पुलिस का कहना है कि दस्तयाबी के दौरान युवती ने अपनी इच्छा से शादी करने की बात कही थी और एक वीडियो में भी वह कार्रवाई न चाहने की बात कहती दिख रही है। हालांकि परिवार का दावा है कि ये बयान दबाव में दिलवाए गए हैं और उन्हें अब भी न्याय की उम्मीद है।