भारत पर्व 2026 में झारखंडी व्यंजनों की वैश्विक छाप

Sat 31-Jan-2026,04:18 PM IST +05:30

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भारत पर्व 2026 में झारखंडी व्यंजनों की वैश्विक छाप IHM-Ranchi-Jharkhand-Cuisine-Bharat-Parv-2026
  • भारत पर्व 2026 में आईएचएम रांची ने झारखंडी व्यंजनों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर को वैश्विक मंच पर मजबूती दी।

  • ब्राज़ीलियाई अतिथि के साथ संवाद ने झारखंड की पारंपरिक पाक विरासत और जनजातीय भोजन संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ भारत पर्व 2026 के दौरान लाल किले में लगे आईएचएम रांची के स्टॉल ने देश-विदेश से आए पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया। इसी क्रम में ब्राज़ील से आए एक अतिथि ने झारखंड की पारंपरिक पाक कला, स्थानीय सामग्री और जनजातीय भोजन संस्कृति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। आईएचएम रांची के छात्रों ने उनका पारंपरिक अंदाज़ में स्वागत किया और झारखंडी खान-पान की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से परिचित कराया।

छात्रों ने बताया कि झारखंडी व्यंजन स्थानीय भूगोल, जलवायु और जनजातीय जीवनशैली से गहराई से जुड़े हुए हैं। पारंपरिक भोजन न केवल पोषण से भरपूर है, बल्कि टिकाऊ खाद्य प्रणाली का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस संवाद ने भारत पर्व के उस उद्देश्य को साकार किया, जिसके तहत भारत की विविध संस्कृतियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाता है।

आईएचएम रांची का प्रतिनिधित्व कर रहे शेफ हरे कृष्ण चौधरी ने भारतीय भोजन परंपराओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने झारखंडी व्यंजनों को भारतीय पाक विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय भोजन भारत की सांस्कृतिक आत्मा को दर्शाता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत पर्व जैसे आयोजन भोजन और संस्कृति के माध्यम से भारत की सॉफ्ट पावर को वैश्विक स्तर पर मजबूत करते हैं।

ब्राज़ीलियाई अतिथि ने छात्रों और शिक्षकों की प्रस्तुति, ज्ञान और आतिथ्य की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने झारखंडी व्यंजनों की सादगी, पोषण मूल्य और सांस्कृतिक गहराई को प्रेरणादायक बताया। यह संवाद सांस्कृतिक कूटनीति का सशक्त उदाहरण बना।

भारत पर्व के स्किल स्टूडियो कार्यक्रम के अंतर्गत शेफ हरे कृष्ण चौधरी ने पारंपरिक झारखंडी व्यंजन धुस्का को आलू-चना सब्जी के साथ प्रस्तुत करते हुए लाइव कुकिंग डेमो दिया। दर्शकों ने न केवल व्यंजन का स्वाद लिया, बल्कि उससे जुड़ी सांस्कृतिक कहानियों और पारंपरिक विधियों को भी सराहा।

इस प्रस्तुति ने झारखंड की पारंपरिक भोजन विरासत को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया और आईएचएम रांची की कौशल विकास पहलों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। भारत पर्व 2026 में संस्थान की भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि क्षेत्रीय व्यंजन संरक्षण और छात्रों को वैश्विक अनुभव देने में आईएचएम रांची की भूमिका अहम है।