इंदौर जल कांड: दूषित पानी से 31वीं मौत
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इंदौर के भागीरथपुरा जल कांड में दूषित पानी से 31वीं मौत, बुजुर्ग की इलाज के दौरान हालत बिगड़ने से मृत्यु
दूषित पानी के संक्रमण से किडनी, लिवर और ब्रेन तक असर, एक हजार से अधिक लोग अब तक बीमार
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल, कई मरीज अब भी आईसीयू और वेंटिलेटर पर भर्ती, जांच जारी
Indore/ इंदौर में दूषित पानी से फैले संक्रमण ने एक और जान ले ली है। भागीरथपुरा जल कांड के चलते 31वीं मौत की पुष्टि हुई है। मृतक की पहचान एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है, जो पिछले करीब एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे।
जानकारी के अनुसार, एकनाथ सूर्यवंशी को 28 दिसंबर को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले ही दिन उनकी हालत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें शैल्बी अस्पताल रेफर किया गया। यहां भी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। गंभीर स्थिति को देखते हुए 3 जनवरी को उन्हें बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी था।
चिकित्सकों के मुताबिक दूषित पानी के कारण फैला संक्रमण पहले उनकी किडनी तक पहुंचा, फिर लिवर में गंभीर इंफेक्शन फैल गया। लगातार अंगों के फेल होने की वजह से मरीज को ब्रेन हेमरेज भी हो गया। कई दिनों तक आईसीयू में भर्ती रहने और हर संभव प्रयासों के बावजूद बुजुर्ग को बचाया नहीं जा सका।
भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में फैले इस दूषित पानी कांड ने भयावह रूप ले लिया है। अब तक एक हजार से अधिक लोग उल्टी-दस्त, बुखार और पेट के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कई मरीजों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। फिलहाल दो मरीज आईसीयू में और एक वेंटिलेटर पर भर्ती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन में गंदा पानी मिलने की शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही का नतीजा है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए और 31 लोगों की जान चली गई।
प्रशासन ने पानी की सप्लाई बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था की बात कही है, लेकिन लोगों में अब भी दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्वे कर रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। वहीं, इस जल कांड को लेकर जांच के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।