राहुल गांधी की नाराजगी के बाद MP कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल
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राहुल गांधी की नाराजगी के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठनात्मक नियुक्तियों में तेजी लाकर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की पहल की।
सागर और सिंगरौली जैसे अहम जिलों में नई नियुक्तियों से कांग्रेस की स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद।
Madhya Pradesh/ कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हाल ही में हुई अहम बैठक के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में लंबे समय से चली आ रही संगठनात्मक सुस्ती टूटती नजर आ रही है। राहुल गांधी द्वारा संगठनात्मक नियुक्तियों में देरी को लेकर जताई गई नाराजगी के बाद प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व हरकत में आया है। इसी के तहत अब एक के बाद एक संगठनात्मक फैसले लिए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
संगठनात्मक नियुक्तियों की झड़ी
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 18 जिलों में संगठन महासचिवों की नियुक्ति की है, जबकि 14 प्रकोष्ठ अध्यक्षों के नामों की भी घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही सागर, छिंदवाड़ा और मऊगंज जिलों की जिला कार्यकारिणी का गठन भी पूरा कर लिया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन नियुक्तियों के जरिए लंबे समय से असंतुष्ट चल रहे नेताओं को संगठन में समायोजित करने की रणनीति अपनाई गई है, ताकि अंदरूनी असंतोष को कम कर संगठनात्मक संतुलन साधा जा सके।
सागर में राजकुमार पचौरी को अहम जिम्मेदारी
सागर जिले में पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके राजकुमार पचौरी को जिला संगठन महासचिव बनाया गया है। पचौरी दोबारा जिलाध्यक्ष बनने की दौड़ में थे और उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का करीबी समर्थक माना जाता है। उनकी नियुक्ति को गुटीय संतुलन साधने और अनुभवी नेतृत्व को संगठन में सक्रिय बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
सिंगरौली में संगठन को मजबूती
सिंगरौली ग्रामीण क्षेत्र में संकठा सिंह और सिंगरौली शहर में सुरेश कुमार दुबे को संगठन महासचिव नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों से स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों में तेजी आने और कार्यकर्ताओं के बीच नए उत्साह के संचार की उम्मीद जताई जा रही है।
आगामी रणनीति पर नजर
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किए बिना चुनावी तैयारी संभव नहीं है। यही वजह है कि अब जिला और ब्लॉक स्तर पर भी जल्द ही और नियुक्तियां देखने को मिल सकती हैं। राहुल गांधी की नाराजगी के बाद लिया गया यह कदम कांग्रेस के लिए संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में अहम माना जा रहा है।