उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दीनदयाल उपाध्याय को दी श्रद्धांजलि
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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर समग्र मानवतावाद को राष्ट्र निर्माण का मार्गदर्शक सिद्धांत बताया।
करुणा, नैतिकता और सार्वजनिक जीवन की शुचिता को विकसित भारत की दिशा में आवश्यक बताया गया।
New Delhi/ उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का जीवन समाज सेवा, नैतिकता और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने उनके समग्र मानवतावाद के सिद्धांत को आज भी विश्व के लिए प्रासंगिक बताया।
अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को दूरदर्शी चिंतक और समर्पित राष्ट्र निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि उपाध्याय ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को केंद्र में रखकर विकास की परिकल्पना की। उनका “समग्र मानवतावाद” केवल एक राजनीतिक विचारधारा नहीं, बल्कि समाज के संतुलित और नैतिक विकास का मार्गदर्शन करने वाला सिद्धांत है।
श्री राधाकृष्णन ने कहा कि करुणा, सेवा और नैतिक मूल्यों पर आधारित सार्वजनिक जीवन ही सशक्त राष्ट्र की नींव है। उन्होंने उल्लेख किया कि वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए पंडित दीनदयाल का दृष्टिकोण आज भी प्रेरणास्रोत है।
उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके विचार विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में मार्गदर्शक शक्ति बने रहेंगे और नई पीढ़ी को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।