मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले: MSP बढ़ा
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मोहन यादव कैबिनेट बैठक में किसानों, कर्मचारियों और महिलाओं से जुड़े बड़े फैसले, गेहूं MSP और पेंशन नीति में अहम बदलाव।
वन्यजीव संरक्षण, टीबी उन्मूलन और सिकल सेल स्क्रीनिंग में मध्यप्रदेश की मजबूत होती स्वास्थ्य व्यवस्था।
Bhopal/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में राज्य के कृषि, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, संस्कृति और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम और दूरगामी निर्णय लिए गए। इन फैसलों का सीधा लाभ किसानों, कर्मचारियों, महिलाओं, छात्रों और आम नागरिकों को मिलेगा। बैठक में जहां गेहूं के समर्थन मूल्य और पंजीयन तिथि को लेकर राहत दी गई, वहीं पेंशन, पशु संरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किए गए।
कैबिनेट ने अगली कृषि कैबिनेट बैठक बालाघाट में आयोजित करने का निर्णय लिया है। इससे न सिर्फ बालाघाट क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय किसानों की समस्याओं पर सीधे चर्चा संभव होगी। सरकार का मानना है कि क्षेत्रीय स्तर पर कैबिनेट बैठकें शासन को ज़मीनी हकीकत से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करते हुए निर्णय लिया गया कि भविष्य में बनने वाले सभी चिड़ियाघरों के साथ रेस्क्यू सेंटर अनिवार्य होंगे। इन केंद्रों में घायल और बीमार वन्य प्राणियों का उपचार कर उन्हें सुरक्षित रखा जाएगा।
किसानों के लिए बड़ी राहत देते हुए गेहूं उपार्जन पंजीयन की अवधि 7 फरवरी से 7 मार्च तक निर्धारित की गई है। केंद्र सरकार द्वारा 2026-27 के लिए गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 अधिक है। भुगतान आधार से जुड़े बैंक खातों में प्राथमिकता से किया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कैबिनेट को बताया गया कि टीबी उन्मूलन अभियान में मध्यप्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है। साथ ही सिकल सेल रोग की व्यापक स्क्रीनिंग और आधुनिक इलाज सुविधाओं को भी मजबूती दी गई है।
सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने गुड़ी पड़वा पर्व को प्रदेशभर में राज्योत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। वहीं सामाजिक सुरक्षा के तहत नई पेंशन नीति 2026 में संशोधन कर तलाकशुदा पुत्री को भी लाभार्थी श्रेणी में शामिल किया गया है।
प्रशासनिक सुधारों के तहत हाईकोर्ट में कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य संवर्गों की अधिकतम आयु सीमा 5 वर्ष बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी गई है। इसके अलावा आहार अनुदान योजना, एकीकृत छात्रावास योजना और सीएम राइज स्कूल जैसी प्रमुख योजनाओं की निरंतरता को भी मंजूरी दी गई।