हाई कोर्ट ने लांजी विधायक राजकुमार कर्राहे के खिलाफ याचिका खारिज की
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मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने लांजी विधायक राजकुमार कर्राहे के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को कानूनी आधारों पर खारिज किया।
याचिकाकर्ता की आपराधिक दोषसिद्धि और वैधानिक पात्रता पर उठे प्रश्न अदालत के निर्णय में महत्वपूर्ण रहे।
Bhopal/ मध्यप्रदेश की लांजी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक राजकुमार कर्राहे को उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यह याचिका पूर्व विधायक किशोर समरिते द्वारा दायर की गई थी, जिसमें चुनाव प्रक्रिया और परिणाम को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं। अदालत के इस फैसले के बाद कर्राहे के निर्वाचन पर चल रही कानूनी चुनौती समाप्त हो गई है।
मामले की सुनवाई जस्टिस डीडी बंसल की एकल पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान विधायक राजकुमार कर्राहे की ओर से यह आपत्ति दर्ज कराई गई कि याचिकाकर्ता किशोर समरिते को एक आपराधिक मामले में पांच वर्ष की सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि उनकी सजा पर स्थगन आदेश मिला है, लेकिन दोषसिद्धि समाप्त नहीं हुई है। इस आधार पर उनकी निर्वाचन याचिका की वैधानिक पात्रता पर सवाल उठाया गया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रस्तुत आपत्तियों पर विचार किया और याचिका को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता की पात्रता को लेकर उठाए गए बिंदु महत्वपूर्ण हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवंबर 2023 को हुए विधानसभा चुनाव में राजकुमार कर्राहे लांजी सीट से विजयी घोषित हुए थे। किशोर समरिते ने संयुक्त क्रांति मोर्चा के प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था, लेकिन पांच वर्ष की सजा के आधार पर निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया था। इसके बाद समरिते ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कर्राहे के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की थी। राजकुमार कर्राहे पूर्व में आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे। हाई कोर्ट के फैसले के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है।