BRICS बिजनेस फोरम में पीएम मोदी का संबोधन, आर्थिक सहयोग और इनोवेशन पर जोर

Fri 11-Sep-2026,06:56 PM IST +05:30

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BRICS बिजनेस फोरम में पीएम मोदी का संबोधन, आर्थिक सहयोग और इनोवेशन पर जोर PM Modi BRICS Speech
  • पीएम मोदी ने BRICS की बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक प्रभाव को रेखांकित किया।

  • भारत ने व्यापार, स्टार्टअप और MSME सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

  • UPI, सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी में भारत की प्रगति का उल्लेख किया।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए सदस्य देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश और तकनीकी साझेदारी को लेकर भारत का दृष्टिकोण सामने रखा। उन्होंने फोरम में शामिल सभी देशों का स्वागत करते हुए कहा कि BRICS का दायरा पिछले वर्षों में काफी तेजी से बढ़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब इस समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें केवल चार देश थे, जबकि आज 21 देशों का परिवार इसका हिस्सा है। उन्होंने कहा कि BRICS देश मिलकर दुनिया की लगभग 50 फीसदी आबादी और करीब 40 फीसदी वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करते हैं।

तेजी से बढ़ी BRICS की आर्थिक ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS की आर्थिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वर्षों में वैश्विक GDP लगभग ढाई गुना बढ़ी है, जबकि BRICS देशों की संयुक्त GDP करीब साढ़े चार गुना बढ़ी है। उनके अनुसार, इसका अर्थ है कि BRICS की आर्थिक ताकत ने बाकी दुनिया की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि समूह का बढ़ता आकार, उसकी गति और उससे जुड़ी उम्मीदें अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं।

प्रधानमंत्री ने BRICS देशों को ग्लोबल इनोवेशन और समाधान के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरता हुआ बताया। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों में इनोवेशन की नई संभावनाएं लगातार विकसित हो रही हैं। इनमें जमीनी स्तर की पहल से लेकर फ्रंटियर टेक्नोलॉजी तक के क्षेत्र शामिल हैं।

व्यापार में रुकावटों के बीच आर्थिक पुल बना रहा भारत
पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा दौर में दुनिया के कई हिस्सों में व्यापार से जुड़ी बाधाएं बढ़ रही हैं, लेकिन भारत आर्थिक पुल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 से भारत ने लगभग 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। उनका कहना था कि भारत की नीति व्यापार में रुकावटों को कम करने और कारोबार के नए अवसर पैदा करने पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा कि भारत की BRICS प्रेसीडेंसी के दौरान खेती, स्वास्थ्य, स्किल्स और स्मार्ट ग्रिड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क तैयार किए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच अनुभव, तकनीक और संसाधनों को साझा करने के साथ-साथ आर्थिक अवसरों का विस्तार करना है।

स्टार्टअप और MSME पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स और MSMEs को बाजार और वित्तीय संसाधनों से जोड़ने के लिए BRICS इनक्यूबेटर नेटवर्क, BRICS MSME पोर्टल और BRICS स्टार्टअप इनोवेशन फंड जैसी पहलें शुरू की गई हैं। उन्होंने BRICS देशों के कारोबारियों से इन सहयोगी ढांचों का इस्तेमाल करने और निवेश तथा प्रतिभा के आदान-प्रदान को बढ़ाने की अपील की।

रेजिलिएंस और रणनीतिक क्षेत्रों में भारत की तैयारी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की BRICS चेयरमैनशिप की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने आर्थिक और व्यापार नीतियों में इन प्राथमिकताओं को महत्व दिया है।

उन्होंने बताया कि भारत ने ऊर्जा से लेकर तकनीक तक विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई चेन को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम किया है। इसके साथ ही सड़क, रेलवे, बंदरगाह और एयरपोर्ट जैसे बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने शिपबिल्डिंग, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, जरूरी मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत की नई क्षमताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने डिजिटल क्षेत्र में UPI की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि इस तकनीक ने वित्तीय समावेशन और डिजिटल लेन-देन को नई गति दी है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, आज दुनिया के करीब 50 फीसदी रियल-टाइम पेमेंट्स UPI तकनीक का इस्तेमाल करके होते हैं।

BRICS बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन आर्थिक सहयोग, व्यापार सुगमता, इनोवेशन, स्टार्टअप, MSME और तकनीकी साझेदारी पर केंद्रित रहा। उनके संदेश का प्रमुख आधार यह रहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS देशों को मिलकर अधिक मजबूत, टिकाऊ और भरोसेमंद आर्थिक व्यवस्था तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।