जम्मू-कश्मीर में NIA की छापेमारी, आतंकी नेटवर्क से जुड़े 7 ठिकानों पर कार्रवाई
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Jammu Kashmir Crime News
NIA ने जम्मू-कश्मीर के सात ठिकानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई कुलगाम, बांडीपोरा और सोपोर में की गई।
जांच पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलरों और स्थानीय नेटवर्क से जुड़ी है।
आतंकी षड्यंत्र से जुड़े एक मामले की जांच के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार सुबह जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में व्यापक छापेमारी की। घाटी में कुल सात स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में कुलगाम, बांडीपोरा और सोपोर जिले शामिल रहे। सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई का उद्देश्य पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलरों और उनके निर्देश पर काम करने वाले स्थानीय ओवरग्राउंड वर्करों के नेटवर्क का पता लगाना है।
अधिकारियों के अनुसार, एनआईए की टीमों ने कुलगाम में दो, बांडीपोरा में तीन और सोपोर में दो ठिकानों पर तलाशी ली। अभियान के दौरान स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने जांच एजेंसी को आवश्यक सहयोग प्रदान किया। तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच किए जाने की बात सामने आई है, हालांकि बरामदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
जांच एजेंसी को आशंका है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलरों के इशारे पर सक्रिय स्थानीय नेटवर्क घुसपैठ कर जम्मू-कश्मीर पहुंचने वाले आतंकियों को रसद, ठिकाने, परिवहन और अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध करा रहा था। एनआईए इस नेटवर्क की संरचना, इसके सदस्यों और आतंकी गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही मदद के स्रोतों का पता लगाने में जुटी है।
यह मामला श्रीनगर के जकूरा थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 0024/2026 से संबंधित है। बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले को आरसी-02/2026/एनआईए/जेएमयूके के रूप में दोबारा दर्ज कर इसकी जांच अपने हाथ में ले ली थी।
मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 23, शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 7 और 25 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 के तहत कार्रवाई की जा रही है। एनआईए की यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क, ओवरग्राउंड वर्करों और सीमा पार से संचालित साजिशों पर शिकंजा कसने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठिकानों के संबंध में भी कार्रवाई संभव है।