बिहार में बाढ़ का कहर जारी: 35.59 लाख प्रभावित, गंगा-पुनपुन खतरे के निशान से ऊपर

Wed 09-Sep-2026,12:09 PM IST +05:30

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बिहार में बाढ़ का कहर जारी: 35.59 लाख प्रभावित, गंगा-पुनपुन खतरे के निशान से ऊपर Bihar Flood News
  • बिहार के 14 जिलों में 35.59 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

  • गंगा और पुनपुन समेत कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

  • बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है।

Bihar / Patna :

Patna / बिहार में बाढ़ का संकट फिलहाल टलता नजर नहीं आ रहा है। गंगा और पुनपुन समेत कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य के 14 जिलों की करीब 35.59 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित बताई गई है। वहीं, बाढ़ के पानी में डूबने से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि कुछ स्थानों पर नदियों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन घरों और सड़कों तक पहुंचा पानी अब भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है।

गंगा का जलस्तर कई जगह खतरे के ऊपर
जल संसाधन विभाग के अनुसार, भागलपुर के सुलतानगंज में गंगा का जलस्तर 36.81 मीटर दर्ज किया गया। यह अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर 36.75 मीटर से 0.06 मीटर अधिक है। यहां जलस्तर खतरे के लिहाज से चिंता का विषय बना हुआ है।

पटना जिले में भी गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार शाम छह बजे तक गांधी घाट पर जलस्तर 53.28 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.28 मीटर ऊपर है। दीघा घाट पर जलस्तर 51.42 मीटर रहा। वहीं हाथीदह में गंगा का जलस्तर 43.39 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से 1.63 मीटर ऊपर है।

पंडारक में गंगा का जलस्तर 43.70 मीटर दर्ज किया गया, जो अब तक के उच्चतम जलस्तर के बराबर बताया गया है। बख्तियारपुर में जलस्तर 39.98 मीटर रहा और नदी खतरे के निशान से 0.65 मीटर ऊपर बह रही है। पटना के श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.89 मीटर ऊपर है, जिससे आसपास के इलाकों में चिंता बनी हुई है।

कोसी और गंडक में पानी का रुख बदला
कोसी बराज और वीरपुर से शाम छह बजे 1,57,135 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। वहां स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है। वहीं वाल्मीकिनगर के गंडक बराज से 92,900 क्यूसेक और इंद्रपुरी के सोन बराज से 1,05,827 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इन दोनों स्थानों पर पानी में गिरावट का रुख दर्ज किया गया है।

इसके बावजूद गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। ऐसे में जलस्तर में मामूली गिरावट के बावजूद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

डूबने से 10 लोगों की मौत
बाढ़ के पानी में डूबने से भोजपुर के चार, बेगूसराय के तीन और पटना के तीन लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। पटना जिले के मोकामा में दो और फुलवारीशरीफ में एक व्यक्ति की जान गई।

भोजपुर के शाहपुर, टाउन थाना क्षेत्र, चरपोखरी और अन्य इलाकों में भी डूबने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र के हुसैना दियारा गांव में एक युवती और एक किशोरी की मौत की सूचना है। बाढ़ का पानी कई इलाकों में सामान्य आवाजाही के रास्तों तक पहुंच चुका है, जिससे ग्रामीणों के लिए आवागमन और सुरक्षा दोनों चुनौती बने हुए हैं।

गांधी सेतु के नीचे नाव हादसा
हाजीपुर में गांधी सेतु के नीचे बोल्डर से टकराने के बाद गंगा के बाढ़ के पानी में एक नाव डूब गई। नाव पर 11 लोग सवार बताए गए थे। इनमें से नौ लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दो लोग लापता हो गए थे। बाद में एक व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान तेरसिया गांव निवासी चंदन के रूप में हुई है। एक व्यक्ति की तलाश जारी बताई गई है।

बारिश को लेकर फिलहाल राहत, आगे फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार में 15 सितंबर तक अच्छी बारिश की संभावना कम है। हालांकि 14 सितंबर को कोसी क्षेत्र, सुपौल, मधुबनी और कुछ अन्य जिलों में कहीं-कहीं हल्की से तेज बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक 16 सितंबर के बाद मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना है। इस दौरान अच्छी बारिश हो सकती है और इसका असर अक्टूबर के पहले सप्ताह तक रहने के आसार हैं। फिलहाल राज्य में सामान्य से करीब 27 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर पर नजर रखना जरूरी होगा। जलस्तर में गिरावट से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन बड़ी आबादी अभी भी बाढ़ के प्रभाव से जूझ रही है और कई इलाकों में पानी की निकासी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।