बिहार में बारिश-बाढ़ का दोहरा संकट, 18 जिलों में 6.65 लाख प्रभावित, 13 जिलों में येलो अलर्ट

Mon 07-Sep-2026,12:26 PM IST +05:30

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बिहार में बारिश-बाढ़ का दोहरा संकट, 18 जिलों में 6.65 लाख प्रभावित, 13 जिलों में येलो अलर्ट Bihar Rain Alert
  • बिहार के 13 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट, चार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी।

  • 18 जिलों में बाढ़ से करीब 6.65 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

  • गंगा और पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

Bihar / Muzaffarpur :

Muzaffarpur / बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, लेकिन राज्य के सामने बारिश और बाढ़ का दोहरा संकट खड़ा हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के 13 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर और सुपौल में बारिश की संभावना जताई गई है।

इनमें सुपौल, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में वज्रपात की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटे में भी राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मुंगेर में 73 मिलीमीटर, पटना में 68 मिलीमीटर, बांका में 67 मिलीमीटर और मुजफ्फरपुर में 65 मिलीमीटर बारिश हुई। जमुई और सीवान में करीब 55 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि, इतनी बारिश के बावजूद राज्य में इस मानसूनी सीजन में अब तक सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अब तक 820.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 531.3 मिलीमीटर ही दर्ज की गई है।

18 जिलों में बाढ़ का असर
एक तरफ बिहार में बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर नेपाल और उत्तराखंड में हुई भारी बारिश का असर राज्य की नदियों पर दिखाई दे रहा है। कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से राज्य के 18 जिलों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे करीब 6.65 लाख आबादी प्रभावित हुई है।

गंगा नदी बक्सर से भागलपुर तक कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से करीब 2.75 मीटर ऊपर बताया गया है। पुनपुन का पानी पटना के दक्षिणी इलाकों में सुरक्षा बांधों को पार कर बस्तियों तक पहुंच गया है।

बाढ़ का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। पटना-गया रेलखंड और मोकामा एनएच पर पानी चढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, सोन नदी के बढ़े जलस्तर के कारण बिहटा प्रखंड के तटवर्ती गांवों में पानी भर गया है। इससे करीब 20 हजार लोग प्रभावित बताए गए हैं और कई रास्ते भी डूब गए हैं।

बाढ़ के पानी में फंसा सांसद पप्पू यादव का काफिला
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव रविवार को भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। आरा-सरैया मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी कमर तक भरा हुआ था। इसी दौरान उनकी गाड़ी पानी में फंसकर बंद हो गई।

गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी तो सांसद खुद पानी में पैदल उतर गए और ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उन्होंने लोगों से उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने भोजन, आवागमन और पशुओं के चारे की कमी जैसी परेशानियां उनके सामने रखीं।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में पूरे बिहार में एक समान बारिश होने की संभावना नहीं है। अलग-अलग इलाकों में बादलों की आवाजाही और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पटना में भी रविवार को 68 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सोमवार को राजधानी में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि लगातार भारी बारिश के आसार कम हैं। बारिश थमने के बाद उमस और गर्मी बढ़ सकती है, जबकि आने वाले सप्ताह में तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।