खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 रायपुर में भव्य समापन समारोह

Fri 03-Apr-2026,11:14 AM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 रायपुर में भव्य समापन समारोह Khelo-India-Tribal-Games-2026-Raipur
  • खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 ने देश के 30 राज्यों के करीब 2000 जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया।

  • पुरुषों का फुटबॉल फाइनल छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बीच रोमांचक मुकाबले के रूप में खेला जाएगा, टूर्नामेंट ने खेल संस्कृति को मजबूत किया।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने वाले प्रतिष्ठित आयोजन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य समापन आज राजधानी रायपुर में हो रहा है। इस कार्यक्रम ने देशभर के जनजातीय खिलाड़ियों को अपनी क्षमता और खेल कौशल दिखाने का शानदार अवसर प्रदान किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम और फुटबॉल दिग्गज बाइचुंग भूटिया जैसे प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी से उत्साह बढ़ा और खिलाड़ियों में जबरदस्त प्रेरणा का माहौल बना।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स ने इस बार 30 राज्यों से लगभग 2000 खिलाड़ियों को विभिन्न खेलों में भाग लेने का अवसर दिया। इन खिलाड़ियों ने न केवल खेल क्षमता दिखाई बल्कि अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और आदिवासी धरोहर की झलक भी प्रस्तुत की। समापन समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

समारोह का आकर्षण पुरुषों का फुटबॉल फाइनल मुकाबला रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल की टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है। इस टूर्नामेंट ने यह साबित कर दिया कि जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और देश के दूरदराज हिस्सों में छिपी प्रतिभाओं को पहचान दिलाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा। मैरी कॉम और बाइचुंग भूटिया जैसे खेल icons की मौजूदगी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।

यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए यादगार रहा बल्कि देश में खेल संस्कृति और आदिवासी प्रतिभाओं को मान्यता देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। समापन समारोह में खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों ने इस पहल की सराहना की और इसे भविष्य में और विस्तार देने की आवश्यकता बताई।